NETAJI MYSTERY
-
हिंदू रीति-रिवाज से नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अंतिम संस्कार करना चाहती हैं बेटी, पड़पौत्र ने PM मोदी से की अपील
बोस ने कहा, ‘‘यह अत्यधिक अपमानजनक है कि नेताजी के अवशेष रेंकोजी मंदिर में रखे हुए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम पिछले साढ़े तीन साल से प्रधानमंत्री को पत्र लिखते रहे हैं कि भारत के मुक्तिदाता को सम्मान देने के लिए उनके अवशेष भारतीय सरजमीं पर लाए जाएं।’’
पश्चिम बंगाल | Jul 28, 2024 11:06 pm IST -
कैसे नेताजी विश्वासियों के मन में 'गुमनामी बाबा' के रूप में रहते थे, पढ़ें उनसे जुड़े रहस्यों की कहानी
कई लोगों का मानना है कि गुमनामी बाबा वास्तव में नेताजी (बोस) थे जो नैमिषारण्य, बस्ती, अयोध्या और फैजाबाद में कई स्थानों पर साधु के वेश में रहते थे। वह जगह बदलते रहे, ज्यादातर शहर के भीतर ही।
राष्ट्रीय | Jan 23, 2023 08:03 am IST -
Advertisement
-
जापान के मंदिर में आज भी क्यों रखी हैं सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां? ताइवान में हुआ था अंतिम संस्कार
Subhas Chandra Bose: कई इतिहासकारों का मानना है कि नेताजी की मौत 18 अगस्त, 1945 को ताइवान में प्लेन क्रैश में हुई थी। विमान में बम धमाका हुआ था। नेताजी के निधन के वक्त कई जापानी लोग भी उनके साथ थे। इस मामले में 1956 में जापान में एक विस्तृत रिपोर्ट आई थी।
एशिया | Aug 18, 2022 04:26 pm IST -
‘नेहरू नहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे देश के पहले प्रधानमंत्री’
कर्नल शौकत अली मलिक ने पहली बार भारतीय जमीन में भारत का झंडा फहराया था। कर्नल मलिक आजाद हिंद फौज के सैनिक थे। 1947 को दूसरी बार झंडा फहराया गया था। कांग्रेस ने इतिहास में जबरदस्ती ये तथ्य छुपाए थे। चंद्र बोस ने अंडमान-निकोबार द्वीप का नाम बदलकर शहीद
राष्ट्रीय | Aug 18, 2017 12:03 pm IST -
Advertisement
-
सुभाष चंद्र बोस की मौत को लेकर फ्रांस की खुफिया रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा!
पेरिस के इतिहासकार जे बी पी मोरे ने 11 दिसंबर 1947 की एक फ़्रेंच सीक्रेट सर्विस रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि नेताजी की मौत हवाई दुर्घटना में नहीं हुई थी, बल्कि वे 1947 तक जिंदा थे। पेरिस में पढ़ाने वाले मोरे कहते हैं, 'कागजातों में भी नहीं लिखा है कि
राष्ट्रीय | Jul 20, 2017 09:28 am IST