समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात करेंगे। दोनों के बीच मुलाकात के लिए करीब 45 मिनट का समय तय किया गया है। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। रविवार को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रामपुर में रैली के दौरान अखिलेश यादव पर आजम खान की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। पिछले दिनों आजम खान की पत्नी ने लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की थी।
बता दें कि आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत पर रामपुर पुलिस ने आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य लोगों के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, रामपुर पुलिस ने 13 अक्टूबर को आजम खान, जौहर ट्रस्ट, दो निजी संस्थाओं और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। प्राथमिकी में आपराधिक साजिश, विश्वासघात और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
416 करोड़ रुपये के अंतर पर ED ने उठाए सवाल
ईडी की ओर से पुलिस को भेजे गए पत्र में जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर हुए खर्च और ट्रस्ट की ओर से घोषित पूंजीगत व्यय के बीच बड़े अंतर का जिक्र किया गया है। ईडी के अनुसार, आयकर विभाग की नवंबर 2023 की मूल्यांकन रिपोर्ट में विश्वविद्यालय परिसर की इमारतों के निर्माण की लागत 494.46 करोड़ रुपये बताई गई थी। वहीं, वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में कुल पूंजीगत खर्च 78.32 करोड़ रुपये दर्शाया गया। इस आधार पर दोनों आंकड़ों के बीच करीब 416.14 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया है। ईडी ने इस अंतर को लेकर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई है। हालांकि, ये आरोप जांच का विषय हैं और इन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर ठेके हासिल किए गए, सरकारी निर्माण कार्यों के लिए आवंटित धन का इस्तेमाल विश्वविद्यालय परिसर में किया गया और कथित तौर पर धन ट्रस्ट तक पहुंचाया गया।
एजेंसी का कहना है कि इन गतिविधियों में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपराध की आशंका है। इसी सिलसिले में ईडी ने 10 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर उपलब्ध साक्ष्य और जानकारी साझा की थी और नई प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था।
2019 के ईडी मामले से भी जुड़ेगी नई प्राथमिकी
सूत्रों के मुताबिक, रामपुर में दर्ज नई प्राथमिकी को ईडी की वर्ष 2019 में दर्ज प्रवर्तन संबंधी सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) से जोड़ा जाएगा। माना जा रहा है कि एजेंसी आजम खान और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों की जानकारी को एक साथ लेकर पीएमएलए के तहत आगे की कार्रवाई कर सकती है। ईडी ने इस मामले में अगस्त में छापेमारी की थी और मंगलवार को रामपुर जेल में आजम खान से पूछताछ भी की थी।
जौहर ट्रस्ट चलाता है यूनिवर्सिटी और निजी विद्यालय
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के मुख्य न्यासी आजम खान हैं। उनके परिवार के सदस्य और अन्य सहयोगी भी ट्रस्ट से जुड़े हैं। ट्रस्ट का मुख्यालय लखनऊ में है और यह रामपुर जिले में मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और एक निजी विद्यालय का संचालन करता है। विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी।
आजम खान और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ पहले से भी 25 से अधिक पुलिस प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है।
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