अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक बुधवार को होनी है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के सदस्य स्वामी परमानंद गिरि ने ये जानकारी दी है। स्वामी परमानंद गिरी ने कहा कि ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली बैठक में न्यासियों के रिक्त पदों को भरने तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। गिरि ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि न्यास में खाली पदों को भरना होगा।
SIT की रिपोर्ट का इंतजार
उन्होंने कहा, 'जो भी अन्य मुद्दे आएंगे वह बैठक के दौरान ही पता चलेगा।' कथित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच विशेष अन्वेषण दल (SIT) को सौंपने के संबंध में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर गिरि ने कहा कि न्यास पहले मौजूदा एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार करेगा।
भविष्य की कार्रवाई की जाएगी तय
उन्होंने कहा, 'मौजूदा एसआईटी की रिपोर्ट आने दीजिए। पहले इसकी जांच की जानी चाहिए और फिर भविष्य की कार्रवाई तय की जाएगी।' मामले की जांच के लिए नई एसआईटी गठित किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के बारे में पूछे जाने पर गिरि ने इसकी जरूरत पर सवाल उठाए।
दूसरी SIT बनाने से भी कोई विशेष अंतर नहीं पड़ेगा
उन्होंने कहा, 'अगर वर्तमान एसआईटी को उचित नहीं माना गया तो दूसरी एसआईटी बनाने से भी कोई विशेष अंतर नहीं पड़ेगा।' यह पूछे जाने पर कि क्या न्यासी के रिक्त पदों के लिए किसी नाम पर विचार किया जा रहा है, गिरि ने कहा कि अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। अभी कुछ नहीं है, लेकिन रिक्तियां भरी जानी हैं और जो भी निर्णय लिया जाना है उस पर कल की बैठक में चर्चा की जाएगी।'
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पहले ही दिया इस्तीफा
गिरि ने यह भी कहा कि पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। न्यास ने 6 जुलाई को हुई अपनी पिछली बैठक के दौरान उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। एक अन्य न्यासी दिनेंद्र दास के भी इस्तीफा दिए जाने की खबरों पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
न्यास की बुधवार को राम मंदिर परिसर में एक विशेष बैठक आयोजित करने वाला है, जिसके बाद मणिराम छावनी में इसकी नियमित बैठक होगी। न्यास के सूत्रों के मुताबिक, बैठक एजेंडे में नए महासचिव की नियुक्ति, तीन खाली ट्रस्टी पदों को भरना और मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के लिए चयन प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शामिल है।
खाली हुए पद
सूत्रों ने बताया कि बैठक में कथित चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सौंपी गई एसआईटी रिपोर्ट पर भी चर्चा हो सकती है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा के इस्तीफे और न्यासी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा की मृत्यु के बाद रिक्तियां पैदा हुईं।
बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित गबन का मामला जून में सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एसआईटी का गठन किया था। इसकी रिपोर्ट के बाद 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। (भाषा के इनपुट के साथ)
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