उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से स्वास्थ्य विभाग की हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने और आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाली एंबुलेंस का गलत इस्तेमाल हो रहा था। बागपत के क्रिस्टल हॉस्पिटल की बताई जा रही एक एंबुलेंस में मरीजों की जगह बाजार से पत्थर ले जाते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एंबुलेंस के इस्तेमाल को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एंबुलेंस में पत्थर लादकर उन्हें कहीं और ले जाया जा रहा था
बताया जा रहा है कि एंबुलेंस में पत्थर लादकर उन्हें कहीं ले जाया जा रहा था। वायरल वीडियो में एंबुलेंस के अंदर मरीजों के लिए निर्धारित स्थान पर निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले पत्थर दिखाई दे रहे हैं। मामला सामने आने के बाद लोगों का सवाल है कि जिस वाहन को मरीजों और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए, उसका इस्तेमाल निर्माण सामग्री ढोने के लिए कैसे किया जा रहा था।
परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल
एंबुलेंस का इस तरह इस्तेमाल सामने आने के बाद परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से यह जांच कराने की मांग है कि निजी अस्पताल की एंबुलेंस का गैर-चिकित्सीय कार्य में इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया।
वाहन मालिक के खिलाफ की जा सकती है कार्रवाई
मामले में यह भी जांच का विषय है कि एंबुलेंस अस्पताल के नाम पर पंजीकृत है या किसी अन्य श्रेणी में और क्या उसे निर्माण सामग्री ढोने की अनुमति है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित विभाग द्वारा मोटर वाहन नियमों और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वायरल वीडियो की जांच तेज
फिलहाल वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और परिवहन विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। एंबुलेंस में पत्थर ले जाने की वास्तविक वजह जांच में क्या सामने आती है।
पारस जैन की रिपोर्ट
ये भी पढ़ें:
स्कूल कैंपस में घुसकर महिला टीचर की गोली मारकर हत्या, खुद को भी उड़ाया, दोनों की मौत