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दादरी में जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में BJP! सपा को यहां 1 बार भी नहीं मिली विजय, समझिए UP चुनाव 2027 के समीकरण

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 19, 2026 12:09 am IST,  Updated : Oct 19, 2026 12:09 am IST

दादरी विधानसभा सीट के सियासी इतिहास की बात करें तो यहां कभी जनता दल, फिर BJP और BSP का कब्जा रहा। पिछले 2 चुनावों से दादरी में BJP जीत रही है और अब यूपी चुनाव 2027 में जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में है। समझिए यूपी चुनाव 2027 के सियासी समीकरण।

Dadri Assembly Seat- India TV Hindi
पढ़िए दादरी विधानसभा सीट का सियासी इतिहास। Image Source : INDIA TV

गौतमबुद्ध नगर जिले की दादरी विधानसभा सीट यूपी की हॉट सीटों में शामिल है। 1991 से लेकर 2022 तक हुए 8 चुनावों में यहां 4 बार बीजेपी की जीत हुई है। बीएसपी ने भी दो बार मैदान मारा है लेकिन सपा और कांग्रेस इस दौरान अपना खाता तक नहीं खोल पाए। अभी दादरी सीट से बीजेपी के तेजपाल सिंह नागर विधायक हैं, जिन्होंने पिछला 2022 का चुनाव सपा के उम्मीदवार से 1.38 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीता था। आइए जानते हैं कि दादरी विधानसभा सीट का पिछले 3 दशकों का चुनावी इतिहास क्या रहा है और 2027 के चुनाव में यहां क्या सियासी समीकरण बनने वाले हैं।

1991 में जनता दल के महेंद्र सिंह भाटी लगाई जीत की हैट्रिक

बात करें 1991 के विधानसभा चुनाव की तो दादरी विधानसभा सीट से महेंद्र सिंह भाटी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की थी। उन्हें 62,552 वोट मिले थे, जबकि जनता पार्टी के बिहारी सिंह 19,521 वोटों पर ही सिमट गए थे। महेंद्र सिंह भाटी ने 43,031 वोटों के भारी-भरकम अंतर से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के जिले राम उर्फ जिले सिंह भाटी इस चुनाव में तीसरे और बीजेपी के प्रत्याशी प्रवीण भाटी चौथे नंबर पर रहे थे।

जनता दल के समीर भाटी ने 1993 में कांग्रेस को दी मात

1993 के विधानसभा चुनाव में भी दादरी सीट पर जनता दल का दबदबा कायम रहा। पार्टी के समीर भाटी ने 50,874 वोट हासिल कर कांग्रेस के वेद राम को 3,216 वोटों के करीबी अंतर से हरा दिया। वेद राम 47,658 वोट ही हासिल कर पाए थे। वहीं, बीजेपी के नेवान सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे, उन्हें 38,574 वोट मिले थे।

1996 में बीजेपी के नवाब सिंह नागर ने हासिल की जीत

विधानसभा चुनाव 1996 में दादरी सीट पर बाजी पलट गई और बीजेपी ने पहली बार यहां जीत दर्ज की। बीजेपी के नवाब सिंह नागर ने 70,503 वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस के लखीराम को 48,703 वोट ही मिल पाए। नवाब सिंह नागर ने ये चुनावी मुकाबला 21,800 वोटों के बड़े अंतर से जीत लिया। इस चुनाव में समीर भाटी, समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे और वह 36,942 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे।

नवाब सिंह नागर 2002 में लगातार दूसरी बार हुए विजयी

दादरी के 2002 के विधानसभा चुनाव में BJP के नवाब सिंह नागर ने लगातार दूसरी जीत अपने नाम की। इस बार, उनको जनता ने 50,329 वोट दिए, जबकि रनरअप प्रत्याशी कांग्रेस के रघुराज 39,019 वोटों पर ही थम गए। नवाब सिंह नागर ने ये चुनाव 11,310 वोटों के अंतर से जीता था।

2007 की बीएसपी लहर में निकली दादरी सीट

2007 के विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश में चल रही BSP की लहर का असर दादरी सीट पर भी दिखाई दिया। BSP पहली बार दादरी सीट जीतने में कामयाब हुई। BSP के सत्यवीर सिंह गुर्जर ने बीजेपी के नवाब सिंह नागर को 24 हजार 423 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। सत्यवीर सिंह गुर्जर ने 75,346 वोट हासिल किए, जबकि नवाब सिंह नागर 50,923 वोट ही पा सके।

2012 में सत्यवीर सिंह गुर्जर लगातार दूसरी बार बने विधायक

विधानसभा चुनाव 2012 में BSP के सत्यवीर सिंह गुर्जर ने लगातार दूसरी बार दादरी सीट पर कब्जा जमाया। उन्होंने 81,137 वोट पाकर बीजेपी के नवाब सिंह नागर को 37,297 वोटों के भारी-भरकम अंतर से हरा दिया। नवाब सिंह नागर को जनता ने 43,840 वोट दिए थे। कांग्रेस के उम्मीदवार समीर भाटी इस चुनावी मुकाबले में तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें 37,764 वोट मिले।

वर्ष

विजेता (पार्टी)

वोट

रनर-अप (पार्टी)

वोट

जीत का अंतर

1991

महेंद्र सिंह भाटी (JD)

62,552

बिहारी सिंह (JP)

19,521

43,031

1993

समीर भाटी (JD)

50,874

वेद राम (INC)

47,658

3,216

1996

नवाब सिंह नागर (BJP)

70,503

लखीराम (INC)

48,703

21,800

2002

नवाब सिंह नागर (BJP)

50,329

रघुराज (INC)

39,019

11,310

2007

सत्यवीर सिंह गुर्जर (BSP)

75,346

नवाब सिंह नागर (BJP)

50,923

24,423

2012

सत्यवीर सिंह गुर्जर (BSP)

81,137

नवाब सिंह नागर (BJP)

43,840

37,297

2017

तेजपाल सिंह नागर (BJP)

1,41,226

सत्यवीर सिंह गुर्जर (BSP)

61,049

80,177

2022

तेजपाल सिंह नागर (BJP)

2,18,068

राजकुमार भाटी (SP)

79,850

1,38,218

(Source- Election Commission Of India)

2017 में बीजेपी ने दादरी में की वापसी

विधानसभा चुनाव 2017 में दादरी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने वापसी कर ली थी। बीजेपी के तेजपाल सिंह नागर ने 1,41,226 वोट पाए थे, जबकि बीएसपी के सत्यवीर सिंह गुर्जर ने 61,049 वोट हासिल किए। तेजपाल सिंह नागर ने ये चुनाव 80,177 वोटों के अंतर से जीत लिया। कांग्रेस के प्रत्याशी समीर भाटी तीसरे नंबर पर रहे थे और 39,975 वोट ही पा सके थे। इस रिजल्ट के साथ बीएसपी की लगातार 2 जीत का सिलसिला खत्म हो गया था।

2022 में BJP ने 1.38 लाख वोटों से हासिल की जीत

विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी के उम्मीदवार तेजपाल सिंह नागर ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की और दादरी सीट पर कब्जा जमाया। तेजपाल सिंह नागर ने 2,18,068 वोट पाकर समाजवादी पार्टी के राजकुमार भाटी को 1,38,218 वोटों के भारी-भरकम अंतर से मात दे दी। यह दादरी सीट पर अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। राजकुमार भाटी को 79,850 वोटों के साथ ही संतोष करना पड़ा। बीएसपी के मनबीर सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे और उन्हें 40,456 वोट मिले थे।

2027 के चुनाव के लिए दादरी विधानसभा सीट के सियासी समीकरण

1991 से 2022 तक हुए 8 विधानसभा चुनावों की बात करें तो इनमें बीजेपी ने 4, जनता दल और बीएसपी ने 2-2 चुनाव जीते। BJP के नवाब सिंह नागर 1996 और 2002 में दादरी से विधानसभा पहुंचे, जबकि बीएसपी के सत्यवीर सिंह गुर्जर ने 2007 और 2012 में जीत हासिल की। इसके बाद BJP के प्रत्याशी तेजपाल सिंह नागर ने 2017 और 2022 में लगातार दो बार दादरी सीट पर कब्जा जमाया। हालांकि, पिछले तीन दशकों में हुए 8 चुनावों में सपा या कांग्रेस को एक बार भी जीत नसीब नहीं हुई। यहां 1993 के चुनाव में सबसे करीबी मुकाबला हुआ था, जब जनता दल के समीर भाटी महज 3,216 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर पाए थे। वहीं, 2022 में बीजेपी प्रत्याशी ने सबसे बड़ी जीत हासिल की थी।

दादरी विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरण की बात करें तो यहां गुर्जर वोटर किंगमेकर की भूमिका में हैं। इसको देखते हुए यहां सभी प्रमुख पार्टियों ने ज्यादातर बार गुर्जर उम्मीदवारों को ही चुनावी मैदान में उतारा है। 2027 के चुनाव में दादरी में एक तरफ बीजेपी और उसका गठबंधन होगा, तो दूसरी तरफ सपा-कांग्रेस का गठबंधन दिखाई दे सकता है। तीसरे प्लेयर के रूप में यहां बीएसपी भी चुनौती पेश कर सकती है। उम्मीदवारों के चयन और जातियों की गोलबंदी चुनाव परिणाम पर असर डाल सकते हैं।

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