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संभल में लगातार 6 बार से जीत रही है सपा, BJP कैसे रोकेगी विजय रथ? समझिए UP चुनाव 2027 के सियासी समीकरण

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 16, 2026 09:48 pm IST,  Updated : Oct 16, 2026 09:48 pm IST

Sambhal में सपा लगातार 7वीं बार जीतने की तैयारी कर रही है, तो BJP उसका विजय रथ रोकने की कोशिश में हैं। समझिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में संभल में क्या सियासी समीकरण बन रहे हैं।

Sambhal Assembly Seat- India TV Hindi
पढ़िए संभल विधानसभा सीट का इतिहास। Image Source : INDIA TV

पश्चिमी यूपी की मुस्लिम बहुल Sambhal Assembly Seat उत्तर प्रदेश की हॉट सीटों में से एक है। संभल में पिछले 6 विधानसभा चुनावों से लगातार सपा के इकबाल महमूद जीत रहे हैं। इससे पहले, इकबाल जनता दल के टिकट पर भी विधायक बन चुके हैं। वहीं, बीजेपी आखिरी बार संभल सीट 1993 में यानी आज से 33 साल पहले जीती थी। पिछले 3 दशकों में BSP और कांग्रेस एक बार भी संभल सीट नहीं जीत पाए हैं। संभल सीट के सामाजिक समीकरण की बात करें तो यह एक मुस्लिम बहुल सीट है। इसके अलावा, SC और OBC वर्ग के मतदाता भी अच्छी-खासी संख्या में हैं। इस आर्टिकल में जानिए संभल विधानसभा सीट का पिछले 3 दशकों का सियासी इतिहास और 2027 के चुनाव में यहां क्या राजनीतिक समीकरण बनने वाले हैं।

1991 में इकबाल महमूद पहली बार बने संभल के विधायक

1991 का विधानसभा चुनाव अयोध्या में गोलीकांड के बाद हुआ था। इस चुनाव में संभल विधानसभा सीट से जनता दल के इकबाल महमूद जीते थे। उन्होंने 39,091 वोट हासिल किए थे, जबकि उनको चुनौती देने वाले BJP के विजय कुमार उर्फ विजय त्यागी 35,810 वोटों पर ही सिमट गए थे। करीबी मुकाबले में इकबाल महमूद 3,281 वोटों के अंतर से जीत गए थे। 1991 के चुनाव में मौजूदा विधायक शफीकुर्रहमान बर्क तीसरे नंबर पर खिसक गए थे। जनता पार्टी के टिकट पर उतरे बर्क को 28,772 वोट मिले थे।

BJP ने 1993 में पहली बार जीती संभल विधानसभा सीट

लेकिन 1993 के विधानसभा चुनाव में संभल विधानसभा सीट पर बाजी पलट गई थी और बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। बीजेपी के सत्य प्रकाश ने 44,298 वोट हासिल किए थे, जबकि सपा के शफीकुर्रहमान बर्क को 39,496 वोट मिले थे। बीजेपी ने 4,802 वोटों के अंतर से संभल सीट अपने नाम कर ली थी। इस चुनाव में इकबाल महमूद जनता दल के टिकट पर मैदान में थे और उन्हें तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था। इकबाल महमूद को 30,785 वोट मिले थे। कांग्रेस के उम्मीदवार मोहम्मद सफीफ खान 21,132 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे।

1996 में दूसरी बार संभल के विधायक बने इकबाल महमूद

1996 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट के रूप में इकबाल महमूद ने जीत दर्ज की। उन्होंने 57,979 वोट हासिल कर बीजेपी के सत्य प्रकाश को 17,509 वोटों के अंतर से हरा दिया था। सत्य प्रकाश को इस चुनाव में 40,470 वोट मिले थे। 1996 के चुनाव में कांग्रेस और BSP साथ मिलकर लड़े थे। सीट शेयरिंग में ये सीट BSP को मिली थी और उसके प्रत्याशी रफत उल्लाह 33,083 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे।

इकबाल महमूद ने 2002 में शफीकुर्रहमान बर्क को दी पटखनी

2002 के संभल विधानसभा चुनाव में सपा ने अपनी जीत बरकरार रखी। सपा के इकबाल महमूद ने 52,562 वोट हासिल किए, जबकि RPD के शफीकुर्रहमान बर्क 31,256 वोट ही पा सके। इकबाल महमूद ने 21,306 वोटों के बड़े अंतर से बर्क को हार का स्वाद चखा दिया। इस चुनाव में BSP के मोहम्मद शफीक खान उर्फ हाजी कौसर खान 24,584 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे। इस चुनाव में RLD और BJP का गठबंधन था। RLD ने यहां मग्गू सिंह उर्फ मंगू सिंह त्यागी को टिकट दिया था जो 19,452 वोट हासिल कर पाए थे।

BSP लहर को खारिज कर इकबाल महमूद ने लगाई जीत की हैट्रिक

विधानसभा चुनाव 2007 में सपा के इकबाल महमूद ने संभल सीट पर जीत की हैट्रिक लगा दी। उन्होंने 46,096 वोट हासिल किए, जबकि बीजेपी के प्रत्याशी राजेश सिंघल को 34,436 वोट मिले। ये चुनाव इकबाल महमूद ने 11,660 वोटों के अंतर से जीत लिया। ये मुकाबला त्रिकोणीय था। BSP उम्मीदवार तरन्नुम अकील भी 32,034 वोट पाने में कामयाब रही थीं। वहीं, RLD प्रत्याशी ममलूकुर रहमान 12,112 वोटों के साथ चौथे नंबर पर रहे थे।

2012 में सपा के इकबाल महमूद ने हासिल की लगातार चौथी जीत

2012 के विधानसभा चुनाव में संभल सीट पर समाजवादी पार्टी के इकबाल महमूद ने 30,047 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, क्योंकि इस चुनाव में सपा की लहर भी थी। इकबाल महमूद ने 79,820 वोट पाए, जबकि बीजेपी के उम्मीदवार राजेश सिंघल 49,773 वोट ही हासिल कर पाए। BSP ने इस बार रफतुल्लाह को टिकट दिया था, जो 46,062 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे। वहीं, RLD उम्मीदवार आजम चौथे स्थान पर रहे थे, उन्हें 10,512 वोट मिले थे।

वर्ष

विजेता (पार्टी)

वोट

रनर-अप (पार्टी)

वोट

जीत का अंतर

1991

इकबाल महमूद (JD)

39,091

विजय कुमार उर्फ विजय त्यागी (BJP)

35,810

3,281

1993

सत्य प्रकाश (BJP)

44,298

शफीकुर्रहमान बर्क (SP)

39,496

4,802

1996

इकबाल महमूद (SP)

57,979

सत्य प्रकाश (BJP)

40,470

17,509

2002

इकबाल महमूद (SP)

52,562

शफीकुर्रहमान बर्क (RPD)

31,256

21,306

2007

इकबाल महमूद (SP)

46,096

राजेश सिंघल (BJP)

34,436

11,660

2012

इकबाल महमूद (SP)

79,820

राजेश सिंघल (BJP)

49,773

30,047

2017

इकबाल महमूद (SP)

79,248

डॉक्टर अरविंद (BJP)

59,976

19,272

2022

इकबाल महमूद (SP)

1,07,073

राजेश सिंघल (BJP)

65,376

41,697

(Source- Election Commission Of India)

प्रचंड लहर के बावजूद 2017 में तीसरे नंबर पर खिसक गई BJP

2017 में पूरे यूपी में बीजेपी की लहर के बावजूद जीत एक बार फिर समाजवादी पार्टी के इकबाल महमूद की हुई। उन्होंने 79,248 वोट पाकर BJP के प्रत्याशी डॉक्टर अरविंद को 19,272 वोटों के अंतर से हरा दिया था। डॉक्टर अरविंद को 59,976 वोट मिले थे। इस चुनाव में AIMIM के जियाउर्रहमान को तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें 59,336 वोट ही मिल पाए थे। बीजेपी इस चुनाव में तीसरे नंबर पर रही। BSP ने फिर से रफतुल्लाह को टिकट दिया था, जिन्हें 36,705 वोट मिले थे।

इकबाल महमूद ने 2022 में हासिल की सबसे बड़ी जीत

2022 के संभल विधानसभा चुनाव में सपा के इकबाल महमूद ने लगातार छठी बार जीत का सेहरा पहना। इकबाल महमूद ने 1,07,073 वोट हासिल कर BJP के राजेश सिंघल को 41,697 वोटों के भारी-भरकम अंतर से मात दी थी। राजेश सिंघल को 65,376 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा था। यह जीत 1991 से 2022 तक हुए सभी चुनावों में सबसे बड़ी जीत थी। BSP के शकील अहमद को इस चुनाव में 44,443 वोट और AIMIM के मोहम्मद मुशीर खान तरीन को 21,470 वोट मिले थे।

संभल विधानसभा सीट पर 2027 के चुनाव के सियासी समीकरण

1991 से लेकर 2022 तक हुए 8 विधानसभा चुनावों में सपा ने लगातार 6 बार जीत दर्ज की है। इकबाल महमूद के व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो वह संभल सीट से 7 बार विधायक बन चुके हैं। इकबाल महमूद 1 बार 1991 में जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बने, जबकि 1996 से लगातार 6 बार सपा के प्रत्याशी के रूप में विधायक बन रहे हैं। सपा ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर भी सम्मान दिया। पिछले 3 दशकों में सिर्फ एक बार बीजेपी ने जीत का स्वाद चखा है और वह जीत 1993 में आई थी, तब बीजेपी के सत्यप्रकाश जीते थे।

संभल विधानसभा सीट के सियासी समीकरणों की बात करें तो यह एक मुस्लिम बहुल सीट है। इसका सीधा फायदा समाजवादी पार्टी को मिलता है, क्योंकि वह लंबे समय से MY यानी मुस्लिम-यादव की पॉलिटिक्स कर रही है। दिलचस्प बात है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी यूपी में लगातार जमीन तलाश रही है। उसका प्रत्याशी 2017 के चुनाव में संभल सीट पर 59,336 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहा था। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में संभल विधानसभा क्षेत्र का नतीजा काफी हद तक प्रत्याशियों के चयन, पार्टियों के गठबंधन और लोकल सियासी मुद्दों पर निर्भर कर सकता है। बाकी इकबाल महमूद की साख भी दांव पर होगी, उनके सामने लगातार 7वीं बार संभल सीट जीतने की चुनौती होगी।

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