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यूपी में बदला कानून-व्यवस्था और विकास का माहौल, सीएम योगी ने बताया 2017 से पहले और अब की क्या है स्थिति

 Edited By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Sep 23, 2026 01:12 pm IST,  Updated : Sep 23, 2026 01:12 pm IST

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में राज्य में बड़ा बदलाव आया है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने से आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है। इसके साथ ही सड़कों और पुलों जैसे बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हुआ है।

CM Yogi- India TV Hindi
सीएम योगी Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में राज्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी का मानना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने से आम जनता की सुरक्षा बढ़ी है, जबकि सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास से लोगों का आवागमन आसान हुआ है। इसके साथ ही, किसानों के हित में चलाई गई योजनाओं से उनकी स्थिति में सुधार हुआ है और उन्हें सीधा लाभ मिल रहा है।

2017 से पहले उत्तर प्रदेश के हालात

वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अक्सर खराब कानून-व्यवस्था और गुंडागर्दी से होती थी। आए दिन दंगे होना और महीनों तक कर्फ्यू लगे रहना आम बात थी। अपराधियों और उपद्रवियों का खौफ इस कदर था कि टैक्सी या ऑटो में बैठने वाले चालक खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। मेरठ जैसे शहरों में तो चोरी की गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे अलग करने और बेचने का धंधा धड़ल्ले से चलता था। आम लोगों की गाड़ियां, यहां तक कि किसानों की भैंसा गाड़ियां और खेतों से बिजली की मोटरें तक चोरी हो जाती थीं। सड़कों की हालत बेहद जर्जर थी, जिससे लोगों का चलना मुश्किल था। इसके साथ ही गन्ना किसानों को अपनी फसल का सही दाम पाने और चीनी मिलों से समय पर भुगतान लेने के लिए सालों तक इंतजार करना पड़ता था।

2017 के बाद आए कानून-व्यवस्था और सड़कों में सुधार

2017 के बाद से राज्य में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी गई। आज प्रदेश में कर्फ्यू और दंगों का दौर खत्म हो चुका है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे राज्य में लगभग 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी है। सड़कों के मामले में भी बड़ा बदलाव आया है। आज गांवों, जिला मुख्यालयों और पड़ोसी राज्यों को आपस में जोड़ने के लिए फोर-लेन सड़कों और एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार किया गया है। वर्तमान में देश के कुल एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में मौजूद है, जिससे सफर काफी सुरक्षित और सुगम हो गया है।

किसानों को राहत और समय पर गन्ना भुगतान

किसानों की स्थिति में सुधार के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश की 122 चीनी मिलें पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं, जिनमें से 100 से अधिक मिलें किसानों को महज चार दिनों के भीतर उनके गन्ने का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों के दौरान किसानों को 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। जहां पिछली सरकारों के समय 29 चीनी मिलें बंद हो गई थीं, वहीं अब किसानों को बिना किसी परेशानी के समय पर पर्ची, सही तौल और सुरक्षित माहौल मिल रहा है।

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