गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में डासना जेल में बंद कैदियों से मुलाकात पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाकर 3 मई करने के बाद डासना जेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जेल प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए 3 मई, 2020 तक बंदियों के परिजनों से मुलाकात पर रोक लगा दी है।
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जेल अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश एवं कारागार मुख्यालय द्वारा जारी निर्देश के तहत कोरोना वायरस से संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए कारागार जैसी अतिसंवेदनशील संस्था में निरुद्ध बंदीगणों एवं उनके परिजनों के स्वास्थ्य हित के दृष्टिगत सामान्य रूप से प्रचलित मुलाकात व्यवस्था को 3 मई तक स्थगित किया जाता है।

जेल अधीक्षक ने यह भी कहा है कि यदि बंदी के परिजन अपने बंदी के संबंध में कोई जानकारी प्रेषित करना चाहें तो कारागार के टेलीफोन 0120-2763016 पर संपर्क कर सकते हैं।
डीजीपी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 20 करोड़ रुपए
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों के स्वैच्छिक योगदान से एकत्रित 20 करोड़ रुपए मुख्यंमत्री राहत कोष में दिए हैं।
पुलिस विभाग द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एच सी अवस्थी ने कोरोना वायरस संक्रमण राहत कार्य के सहायतार्थ मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 करोड़ रुपए की धनराशि का चेक दिया है। पुलिस महानिदेशक की अपील पर पुलिस विभाग के समस्त कर्मियों ने अपना एक दिन का वेतन दिया है जिससे यह धनराशि जमा हुई है।