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59 की उम्र में मिली सरकारी टीचर की नौकरी, 27 साल की मेहनत लाई रंग; आखिरकार पूरा हुआ सपना

 Written By: Amar Deep
 Published : Sep 26, 2026 12:09 pm IST,  Updated : Sep 26, 2026 12:09 pm IST

बागपत के 59 वर्षीय विजय कुमार शर्मा का चयन सरकारी टीचर के तौर पर हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। वह पिछले 27 साल से लगातार टीचर की नौकरी के लिए तैयारी कर रहे थे।

59 साल की उम्र में सरकारी नौकरी का सपना हुआ पूरा।- India TV Hindi
59 साल की उम्र में सरकारी नौकरी का सपना हुआ पूरा। Image Source : INDIA TV

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद ही दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां 59 साल की उम्र में एक व्यक्ति का सरकारी टीचर बनने का अपना सपना पूरा हुआ है। इस के लिए शख्स को लगभग तीन दशक तक लगातार कोशिशें करनी पड़ी। इस दौरान वह कई बार असफल भी हुए और 1999 से लगातार की गई कोशिशों के बाद अब जाकर उन्हें सफलता मिली है। हम जिसकी शख्स की बात कर रहे हैं उनकी पहचान बागपत जिले के बड़ौत इलाके के बड़वाड़ गांव के रहने वाले विजय कुमार शर्मा के रूप में हुई है।

सरकारी नौकरी से कहीं ज्यादा है यह नियुक्ति पत्र

दरअसल, विजय कुमार शर्मा को पड़ोसी शामली जिले के एक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में TGT संस्कृत शिक्षक के रूप में चुना गया है। 22 सितंबर को, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। हालांकि, विजय कुमार शर्मा के लिए यह नियुक्ति पत्र सिर्फ सरकारी नौकरी से कहीं ज़्यादा है। यह उस लक्ष्य की प्राप्ति है, जिसे उन्होंने लगभग 27 वर्षों तक बार-बार मिली असफलताओं के बावजूद नहीं छोड़ा।

बार-बार मिली असफलताओं से भी नहीं मानी हार

इन 27 सालों में विजय कुमार शर्मा ने 6 बार TGT लिखित परीक्षा और 4 बार PGT परीक्षा पास की। वह लगभग 8 बार इंटरव्यू में शामिल हुए, लेकिन कभी भी अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाए। इसके बावजूद वह हर बार अपनी किताबों की ओर लौटते थे। हालांकि, इस बार भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू शामिल नहीं था, और विजय कुमार शर्मा का लंबा इंतज़ार आखिरकार उनके चयन के साथ खत्म हुआ।

शिक्षण कार्यों से जुड़ा है परिवार

उनकी सफलता की यात्रा को और भी खास बनाने वाली बात यह है कि उन्होंने सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी जारी रखते हुए लगभग 26 साल निजी स्कूलों में पढ़ाते हुए बिताए। उन्होंने विवेकानंद विद्यापीठ और दून पब्लिक स्कूल में हिंदी और संस्कृत पढ़ाई। दून पब्लिक स्कूल के निदेशक प्रशांत जैन के अनुसार, विजय कुमार शर्मा दिन में छात्रों को पढ़ाते थे और काम के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते थे। उनके पिता लक्ष्मण सिंह भी शिक्षक थे।

उत्तर प्रदेश पुलिस में दो बेटे

बता दें कि 59 वर्षीय विजय कुमार शर्मा के दो बेटे उत्तर प्रदेश पुलिस में काम कर रहे हैं, जबकि उनकी तीन बेटियों में से एक का चयन भी शिक्षण पद के लिए हुआ है और वह अभी प्रतीक्षा सूची में है। विजय कुमार शर्मा का मानना ​​है कि जब तक कोई व्यक्ति कोशिश करता रहता है, तब तक उम्र लक्ष्य पाने में बाधा नहीं बननी चाहिए। अब 59 साल की उम्र में वह आखिरकार एक सरकारी स्कूल में टीचर के तौर पर शामिल होने जा रहे हैं और उन्हें उस लंबे सफ़र पर गर्व है जो उन्हें यहां तक ले आया। (इनपुट- पीटीआई)

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