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संभल में हिंसा के बाद अब इंटरनेट भी बंद, डीएम ने जारी किए निर्देश

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Nov 24, 2024 07:04 pm IST,  Updated : Nov 24, 2024 07:26 pm IST

संभल के डीएम की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक सिर्फ संभल तहसील में अगले 24 घंटे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। जामा मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर किये जा रहे सर्वे का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किय और आगजनी की। हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई।

संभल में हिंसा- India TV Hindi
संभल में हिंसा Image Source : PTI

संभल: संभल में हुई हिंसा के बाद अब अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। संभल के डीएम की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक सिर्फ संभल तहसील में अगले 24 घंटे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। संभल की जामा मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर किये जा रहे सर्वे का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए और इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लदा दी और पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। 

जामा मस्जिद की जगह हरिहर मंदिर का दावा

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘उपद्रवियों ने गोलियां चलाईं और कुछ छर्रे हमारे पुलिसकर्मियों को लगे। हम वहां जांच कर रहे हैं जहां गोलियां चलायी गईं, खासकर दीपा सराय इलाके में।’’ एक स्थानीय अदालत के आदेश पर गत मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था जिसके बाद से संभल में पिछले कुछ दिनों से तनाव व्याप्त है। दरअसल स्थानीय अदालत में एक याचिका दाखिल करके दावा किया गया है कि जिस जगह पर जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था। 

उपद्रवियों की तरफ से गोलीबारी 

मुरादाबाद मंडल के आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने संभल में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मामले में उपद्रवियों के दो तीन समूह थे जो लगातार गोलीबारी कर रहे थे। पुलिस प्रशासन ने सर्वे करने आई टीम को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि समूहों में उपद्रव करने वालों में एक समूह के लोग नखासा में चले गये और पथराव शुरू कर दिया। सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने इन सभी भगाया। उन्होंने बताया कि इस हिंसा में 20 से 25 वर्ष के बीच की उम्र के तीन लोगों की मौत हुई है। 

10 लोगों को हिरासत में लिया गया

उन्होंने कहा कि मृतकों की शिनाख्त मोहल्ला कोट गर्वी निवासी नईम, सरायतरीन निवासी बिलाल और हयातनगर निवासी नोमान के रूप में हुई है। मंडल आयुक्त ने कहा कि इस हिंसा, गोलीबारी और पथराव में पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के पैर में गोली लगी है जबकि उप जिलाधिकारी का पैर टूट गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस क्षेत्राधिकारी को भी छर्रे लगे हैं और अब स्थिति नियंत्रण में है। आयुक्‍त ने कहा कि पथराव में शामिल दो महिलाओं सहित 10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा एक जांच शुरू कर दी गई है। इसके पहले एक अधिकारी ने बताया कि कुछ लोगों ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों में आग लगाने की भी कोशिश की। अधिकारी ने बताया कि हिंसा के आरोपियों पर कठोर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। 

अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

अधिकारियों ने बताया कि सर्वे की योजना सुबह के समय बनाई गई थी ताकि मस्जिद में होने वाली नमाज में व्यवधान न हो, जो आमतौर पर दोपहर में होती है। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुई कथित हिंसा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), सरकार और प्रशासन द्वारा राज्य के उपचुनाव में अनियमितताओं पर से ध्यान हटाने के लिए ‘‘रची गई।’’ स्थानीय प्रशासन के अनुसार विवादित स्थल पर अदालत के आदेश के तहत ‘‘एडवोकेट कमिश्नर’’ ने दूसरी बार सर्वेक्षण कार्य सुबह सात बजे के आसपास शुरू किया और इस दौरान मौके पर भीड़ जमा होने लगी। मुरादाबाद के मंडल आयुक्त ने कहा, "सर्वेक्षण शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, तभी मस्जिद के पास लोगों का एक समूह इकट्ठा हो गया और नारेबाजी करने लगा। जब पुलिस ने इलाके को खाली कराने का प्रयास किया, तो भीड़ में शामिल उपद्रवियों के एक समूह ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।’’ (इनपुट-भाषा)

 

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