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फतेहपुर में हैवानियत का अंत, स्कूल बस चालक को 40 मिनट तक पीट-पीटकर हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को उम्रकैद

 Written By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Oct 07, 2026 10:48 am IST,  Updated : Oct 07, 2026 10:52 am IST

यूपी के फतेहपुर में अब से करीब तीन साल पहले हुई सनसनीखेज वारदात के मामले में कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। स्कूल बस चालक की पीटपीटकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दो भाइयों को आजीवन कैद की सजा सुनाई है।

कोर्ट- India TV Hindi
कोर्ट Image Source : PTI

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव में साढ़े तीन साल पहले हुई दिल दहला देने वाली सनसनीखेज हत्या के मामले में अदालत ने इंसाफ का बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अजय सिंह की कोर्ट ने स्कूल बस चालक रज्जन तिवारी की हत्या में दो सगे भाइयों रामलखन और शिवलखन को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

रंजिश में 40 मिनट तक बरसाए थे लाठी-डंडे

शासकीय अधिवक्ता अंजय सिंह के अनुसार वारदात 3 फरवरी 2023 की रात की है। पुरानी रंजिश के चलते सिलमी गांव निवासी स्कूल बस चालक रज्जन तिवारी पर दोनों भाइयों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। आरोपियों ने करीब 40 मिनट तक बेरहमी से रज्जन को पीटा। गंभीर रूप से घायल रज्जन को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 15 चोटें और सिर पर गंभीर घाव को मौत का कारण बताया गया था।

सबूत और गवाही से टिक न सके आरोपी

घटना के अगले दिन मृतक के भाई विमलेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या, मारपीट और जान से मारने की धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने रामलखन को घटना के कुछ दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि शिवलखन फरार हो गया था। करीब नौ दिन बाद उसे भी पकड़ा गया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में ठोस साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने दोनों को हत्या का दोषी माना।

अंतिम संस्कार रोककर हुआ था बवाल

रज्जन का शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया था। पत्नी मीना देवी और मां गोमती देवी ने आरोपियों को कड़ी सजा की मांग की थी। परिजनों का आरोप था कि घटना से पहले अनहोनी की आशंका जताते हुए चौकी पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों के समझाने के बाद करीब 6 घंटे बाद अंतिम संस्कार हुआ था।

मां को बनाया था आरोपी, जांच में नाम हटा

मृतक के परिजनों ने तहरीर में दोनों भाइयों की मां सरस्वती देवी को भी आरोपी बनाया था। हालांकि विवेचना के दौरान पुलिस ने सरस्वती देवी का नाम मुकदमे से हटा दिया था। कोर्ट ने नियमानुसार उसे तलब किया है।

फतेहपुर से उमेश चंद्रा की रिपोर्ट

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