राम मंदिर ट्रस्ट को बुधवार पहला CEO मिलने जा रहा है। अब से थोड़ी ही देर में CEO के नाम का औपचारिक ऐलान होने वाला है। राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक शुरू हो चुकी है जिसमें एक नाम पर मुहर लगने वाली है। ये बैठक राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिरामदास छावनी पर हो रही है। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में ट्रस्ट के अंतरिम सचिव कृष्ण मोहन पहुंच गए हैं। CEO सेलेक्शन के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है जिसके आधार पर ट्रस्ट के CEO का नाम घोषित किया जाएगा। CEO के साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के खाली पदों पर भी नाम की चर्चा हो सकती है।
इन 3 नामों पर चर्चा
सामने आई जानकारी के अनुसार, सेलेक्शन कमेटी ने तीन नामों की लिस्ट सौंपी है। वो तीन लोग कौन हैं इसका खुलासा नहीं हुआ है लेकिन 4 नाम सामने आ रहे हैं। इनमें से ही तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। इसमें दो पूर्व IAS और दो पूर्व IPS हैं। रेस में सबसे आगे पूर्व IPS राजेश पांडे को बताया जा रहा है। इसके अलावा एक और पूर्व IPS परेश सक्सेना का नाम भी सामने आ रहा है जबकि दो IAS में से एक नाम योगेश्वर राम मिश्रा का है तो दूसरा नाम दिनेश चंद्र सिंह का है।
क्या रहा CEO के सिलेक्शन का प्रोसेस
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में रिटायर जस्टिस प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे शामिल थे। CEO के लिए तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए 5500 से ज्यादा एप्लीकेशन थे। सभी को गूगल फॉर्म भेजा गया। 600 नंबर के कुछ जनरल सवाल पूछे गए। 3500 से ज्यादा लोगों ने ये फॉर्म भरकर भेजा। उसके आधार पर मार्किंग की गई। 5500 लोगों में से 108 लोग ऐसे थे, जिन्हें 600 में से 470 से ज्यादा मार्क्स मिले। इन सभी का वर्चुअल इंटरव्यू हुआ और फाइनली 17 लोग शॉर्टलिस्ट किए गए। इन लोगों को फाइनल इंटरव्यू के लिए अयोध्या बुलाया गया। इन्हें लीडरशिप कैपेबिलिटी, आस्था, चुनौतियों को समझने की क्षमता, मंदिर की व्यवस्था समेत कई कसौटियों पर परखा गया और आखिर में तीन लोग शॉर्टलिस्ट किए गए।
क्यों हो रही CEO की नियुक्ति?
दरअसल, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने इस्तीफा दे दिया था। चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर ट्रस्ट का 'कायाकल्प' करने का फैसला किया गया। चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर के इंतजाम में कई बदलाव किए गए। कुछ बदलाव हो चुके हैं और कुछ होने वाले हैं। इसके लिए पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट में CEO को अप्वाइंट किया जा रहा है।
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