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वाराणसी में गरबा पर VHP-बजंग दल की सख्त चेतावनी, तिलक-कलावा के बिना पंडाल में नहीं मिलेगी अनुमति

 Edited By: India TV UP Bureau Desk
 Published : Oct 12, 2026 07:59 pm IST,  Updated : Oct 12, 2026 07:59 pm IST

वाराणसी में शारदीय नवरात्रि के दौरान विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने गरबा आयोजनों के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि पंडालों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड दिखाना होगा।

People Playing Garba- India TV Hindi
गरबा खेलने की तस्वीर Image Source : AP

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में गरबा और डांडिया आयोजनों को लेकर माहौल गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने शहर में होने वाले गरबा आयोजनों के संबंध में आयोजकों और प्रशासन को एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। हिंदूवादी संगठनों का साफ कहना है कि गरबा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और मां दुर्गा की आराधना का एक पवित्र माध्यम है। ऐसे में इसकी पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पहचान छिपाने वालों को 'नो एंट्री', आधार कार्ड दिखाना होगा अनिवार्य

इस संबंध में विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री कन्हैया सिंह ने बताया कि हमारे एक प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा है। संगठन द्वारा जारी चेतावनी को लेकर कन्हैया सिंह ने कहा कि पहचान छिपाकर आने वाले लोगों को लेकर है। विहिप और बजरंग दल ने साफ कर दिया है कि किसी भी गैर-हिंदू या संदिग्ध व्यक्ति को नाम और पहचान बदलकर गरबा पंडालों में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, आयोजकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवेश द्वार पर ही प्रत्येक व्यक्ति के पहचान पत्र की सघन जांच करें। पंडाल में एंट्री के लिए आधार कार्ड या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कोई अन्य वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। बिना आईडी कार्ड के किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सनातन प्रतीकों की अनिवार्यता माथे पर तिलक और हाथ में कलावा जरूरी

कन्हैया सिंह ने कहा कि गरबा आयोजनों की धार्मिक पवित्रता को बनाए रखने के लिए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने एक नया नियम लागू करने की मांग की है। संगठन के मुताबिक, गरबा में आने वाले सभी प्रतिभागियों और दर्शकों के माथे पर तिलक लगाना और कलाई पर कलावा बांधना अनिवार्य होगा। संगठनों का मानना है कि यह नियम इस बात की पुष्टि करेगा कि आयोजन में शामिल होने वाले लोग सनातन धर्म और इसकी परंपराओं का सम्मान करते हैं।

नशा करने वालों के लिए बंद रहेंगे दरवाजे, महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि

मांग पत्र में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि गरबा पंडालों में किसी भी प्रकार का नशा, शराब या प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करके आने वाले लोगों को तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाए। अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों के बहाने कुछ हुड़दंगी तत्व नशा करके माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते हैं, इसके साथ ही, विहिप ने आयोजकों से महिलाओं, युवतियों और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुख्ता और उचित इंतजाम करने को कहा है। पंडालों के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और पर्याप्त महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की मांग की गई है।

मैदान में उतरेंगे बजरंग दल के वालंटियर, गड़बड़ी पर अपनी भाषा में सजा की चेतावनी

कन्हैया सिंह ने बताया कि नवरात्रि के दौरान वाराणसी के सभी प्रमुख गरबा आयोजन स्थलों पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के वालंटियर तैनात रहेंगे। ये वालंटियर पंडालों के बाहर खुद चेकिंग अभियान चलाएंगे और संदिग्धों पर पैनी नजर रखेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि चेकिंग के दौरान कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता हुआ, पहचान छिपाता हुआ या महिलाओं से अभद्रता करता हुआ पाया गया। तो उसके खिलाफ पहले तो पुलिस के जरिए कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। लेकिन यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर हुई या असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो संगठन के कार्यकर्ता 'अपनी भाषा' में कठोर सजा देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

यह मनोरंजन नहीं, मां की आराधना का पर्व है

विश्व हिंदू परिषद, वाराणसी के विभाग मंत्री कन्हैया सिंह ने कहा कि हमने पुलिस कमिश्नर साहब को अपनी चिंताओं और मांगों से अवगत करा दिया है। गरबा हमारी आस्था और श्रद्धा का विषय है, इसे किसी भी तरह का इवेंट या फूहड़ता का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। लव जिहाद और असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए आधार कार्ड और तिलक-कलावा अनिवार्य करना बेहद जरूरी है। हमारे कार्यकर्ता हर पंडाल पर मुस्तैद रहेंगे। आयोजक भी हमारी मांगों का सम्मान करें, अन्यथा किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी उनकी होगी।

वाराणसी से अश्विनी त्रिपाठी की रिपोर्ट

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