बच्चों के मामूली विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष
घटना की शुरुआत गांव पंडिया में बच्चों के बीच हुई एक आम कहासुनी से हुई थी। बच्चों का झगड़ा जब बढ़ा, तो बड़े लोग भी इसमें कूद पड़े। आरोप है कि अनवार, अबरार, राशिद और अशफाक ने अपने साथियों के साथ मिलकर मुशाहिद के घर पर धावा बोल दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव शुरू हो गया। इस अचानक हुए हमले में मुशाहिद, परवीन और साबरी जैसे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
रात में पुलिस ने कराया समझौता, लेकिन सुबह फिर भड़की हिंसा
इस खूनी झड़प की सूचना मिलते ही रात में पुलिस गांव पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर किसी तरह मामला शांत करा दिया। सबको लगा कि बात खत्म हो गई है, लेकिन असली ड्रामा तो अगली सुबह होना बाकी था। सुबह होते ही जब दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी, तभी अचानक बात फिर बिगड़ गई और दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए।
छतों से बरसे ईंट-पत्थर, एक घंटे तक मची अफरा-तफरी
सुबह के विवाद के बाद देखते ही देखते पूरा गांव युद्ध का मैदान बन गया। लोग गुस्से में अपनी-अपनी छतों पर चढ़ गए और एक-दूसरे के ऊपर ताबड़तोड़ ईंट-पत्थर बरसाने लगे। गांव में करीब एक घंटे तक ऐसा खौफनाक माहौल रहा कि हर तरफ अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। इस पूरे घटनाक्रम का लाइव वीडियो कैमरे में भी कैद हो गया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग छतों से पत्थर फेंक रहे थे।
पुलिस जांच में जुटी, गांव में तनावपूर्ण शांति
घटना के बाद दोनों पक्षों की तरफ से थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी गई है। इस खूनी संघर्ष में कुल मिलाकर 10 से ज्यादा लोग लहूलुहान और घायल हुए हैं। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिससे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
इस पूरी घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर बच्चों की एक मामूली सी बात पर बड़ों ने इतना बड़ा बवाल क्यों मचा दिया? फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है।
मुरादाबाद से अब्दुल्लाह फारूक की रिपोर्ट
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