हापुड़: कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा दिन बाकी नहीं रह गए हैं लेकिन एक बार फिर वहीं पुराना विवाद उभर कर सामने आ गया है। कांवड़ मार्ग में पड़ने वाले दुकानों पर दुकान मालिकों का नाम लिखे जाने को लेकर विवाद थमा नहीं है। इस बीच इस संबंध में हापुड़ के डीएम का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी उठाए कदम
उन्होंने कहा-इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहुत स्पष्ट दिशा निर्देश दिए गए हैं। इस प्रकार के प्रतिष्ठानों पर प्रॉपराइटर हैं उनका नाम कैसे अंकित किया जाना है या नहीं किया जाना है, इसके बारे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से भी क्लियर कट गाइडलाइंस दिए गए हैं। उन गाइडलाइंस का पालन करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का आदर करते हुए कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारी अभी अपनी कार्रवाई शुरू कर चुके हैं। उन्हें कांवड़ मार्ग में लगातार मूव करने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। पूरी तरह से इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी तरह का मिलावटी खाद्य पदार्थ लोगों तक नहीं पहुंचे।
क्या था सुप्रीम कोर्ट का दिशा-निर्देश
बता दें कि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग में पड़ने वाले दुकानों पर मालिकों के नाम लिखने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का एक अहम आदेश जुलाई 2024 में आया था। देश की शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी जिसमें कांवड़ा यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले दुकान मालिकों, होटल और रेस्टोरेंट मालिकों के लिए अपना नाम लिखना अनिवार्य किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रॉपराइ्स को उनके प्रतिष्ठान में परोसे जाने वाले भोजन का प्रकार प्रदर्शित करने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन उन्हें अपने या अपने कर्मचारियों के नाम प्रदर्शित करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने उन निर्देशों पर रोक लगा दी, जो दुकान मालिकों को नाम प्रदर्शित करने के लिए बाध्य करते थे। अदालत ने इन निर्देशों को भेदभावपूर्ण माना था। इस बीच अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है किवे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।