प्रीमियम सोसायटियों में रहने का सपना देखने वाले लोगों के लिए एक बार फिर हकीकत का आईना सामने आ गया है। नोएडा की एक महिला ने अपनी सोसायटी के तहखाने में बारिश के बाद जमा पानी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर तंज कसा है। उन्होंने इसे ‘मुफ्त स्विमिंग पूल’ कहा है। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है और लोग हाई-एंड सोसायटियों की सुविधाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या उच्च किराया और रखरखाव शुल्क चुकाने वाले निवासियों को खर्च किए गए पैसे के अनुरूप सुविधाएं मिल रही हैं।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @decorbyaanchal नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में वे बोलीं कि, 'कल बारिश हुई, और मेरी तथाकथित प्रीमियम सोसाइटी के तहखाने को देखिए... ₹ 30,000 से अधिक किराया, ₹3-4,000 रखरखाव, बिजली का बिल अलग से, और जाहिर तौर पर तहखाने में एक मुफ्त स्विमिंग पूल भी है। यहां हमारे पास ₹2 करोड़ के अपार्टमेंट और कारें हैं, लोग अपनी मेहनत की कमाई बुनियादी सुविधाओं में निवेश कर रहे हैं, और यही हमारा मानक है?'
मेंटेनेंस पर उठाए सवाल
आंचल सिंह नामक महिला ने सोसायटी में बार-बार होने वाले निर्माण कार्य और रखरखाव शुल्क पर सवाल उठाया। वे बोलीं कि, 'निर्माण? 365 दिन वर्ष। रखरखाव के नाम पर बिल आते हैं, सुविधाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क, और जब वास्तविक बुनियादी सुविधा की बात आती है, तो हम समाज के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं....मैं 6 साल से ये लाइन सुन रही हूं, 6 साल से। समस्या बस ये है कि कल्याण का परिणाम आज तक बेसमेंट तक नहीं पहुंचा।'
बैचलर्स के सामने यक्ष प्रश्न
महिला ने नोएडा में विशेष रूप से बैचलर्स लोगों के लिए आवास किराए पर लेने की लागत पर भी प्रकाश डाला। वे बोलीं कि, 'जितने बैचलर्स नोएडा में ₹30,000- ₹40,000 किराए पर रहते हैं, आप बताएं-इतना पैसा देके आपको घर मिल रहा है, या सिर्फ एक महंगा पता?' इस वीडियो को "नोएडा के निवासियों— क्या हमें वाकई वह जीवन स्तर मिल रहा है जिसके लिए हम भुगतान कर रहे हैं?" कैप्शन के साथ साझा किया गया था।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो के वायरल होते ही इस पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं हैं। एक यूजर ने लिखा कि, 'यह बिल्कुल सच है।'
दूसरे यूजर ने लिखा कि, 'मैं आपसे सहमत हूं।'
तीसरे यूजर ने लिखा कि, 'बिल्कुल सही और बेहद निराशाजनक।'
चौथे यूजर ने लिखा कि, 'अपने होमटाउन लौट जाना बेहतर होगा।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -