राजस्थान में पंचायत चुनाव के नतीजों के बीच एक उम्मीदवार की हार इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इस शख्स के सोशल मीडिया पर लाखों चाहने वाले हैं, लेकिन जब गांव की सरकार चुनने की बारी आई, तो उसे महज 33 वोट ही मिल सके। सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान रखने वाले ओमप्रकाश बिश्नोई की चुनावी शिकस्त ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
सोशल मीडिया पर खूब होते हैं वायरल
दरअसल, ओमप्रकाश बिश्नोई राजस्थान के फलौदी इलाके के रहने वाले हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके कुल 21 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इसके अलावा यूट्यूब पर भी उनके पांच लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो खूब वायरल होते हैं। खास तौर पर देसी अंदाज में खाना खाने और खूब सारा घी इस्तेमाल करने वाले उनके वीडियो लोगों का ध्यान खींचते हैं।
सरपंच पद के लिए लड़ा था चुनाव
लेकिन इंटरनेट पर इतनी लोकप्रियता होने के बावजूद उन्हें चुनाव में जनता का वैसा समर्थन नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। ओमप्रकाश ने फलौदी की इंद्रों की ढाणी-2 पंचायत से सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था। पंचायत में करीब 1600 वोट थे, लेकिन नतीजे सामने आए तो उनके खाते में सिर्फ 33 वोट दर्ज हुए।
पहले चरण के सरपंच और पंच नतीजे घोषित
बता दें कि राजस्थान में 24 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के पंच और सरपंच पद के नतीजे घोषित कर दिए गए। राज्य के 16 जिलों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में बैलेट पेपर के जरिए मतदान खत्म होने के तुरंत बाद देर रात तक मतों की गिनती पूरी कर ली गई। इस चरण में जयपुर की निमेड़ा पंचायत से दुलाराम चौधरी 797 वोटों से, फतेहपुरा से रामनारायण रैगर और लोड़ी से राम कुमार सरपंच पद पर विजयी घोषित किए गए, जबकि बीकानेर के पुगल क्षेत्र की डंडी पंचायत से मोहम्मद 400 वोटों से और थारसर से शिशपाल 116 वोटों से चुनाव जीते हैं। जहां पंच और सरपंच पद के परिणाम उसी दिन जारी हो चुके हैं, वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 अक्टूबर को पड़े वोटों की गिनती 20 नवंबर 2026 को की जाएगी, जिसके बाद उनके आधिकारिक नतीजे सामने आएंगे।
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