भारत के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को दशहरा का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया है। बता दें कि इस पर्व को अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि दशहरा के दिन कई जगहों पर अलग-अलग तरह की परंपरा देखने को मिलती थी। इसी तरह उत्तर प्रदेश के कौशांबी में भी दशहरा के दिन कुप्पी युद्ध का आयोजन होता है जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग जुटते हैं। कुप्पी युद्ध में राम दल और रावण दल के लोगों के बीच युद्ध का आयोजन किया जाता है।
कुप्पी युद्ध का आयोजन
उत्तर प्रदेश के कौशांबी के दारानगर में 247 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक रामलीला में परंपरा और रोमांच का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां रामदल और रावण दल के सेनानियों के बीच कुप्पी युद्ध का आयोजन हुआ, जिसे देखने के लिए दूर-दराज के जनपदों और बड़े शहरों से दर्शक पहुंच रहे हैं। युद्ध के रोमांचक दृश्यों के बीच मेले में भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन भी मुस्तैद है।
247 वर्षों से चली आ रही परंपरा
कौशांबी के दारानगर की ऐतिहासिक रामलीला, जहां 247 वर्षों से चली आ रही परंपरा आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। रामलीला के दौरान आयोजित कुप्पी युद्ध में रामदल और रावण दल के सेनानी आमने-सामने नजर आए। दोनों ओर के 25 से 30 सेनानियों ने युद्धक्षेत्र में अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। कुप्पी युद्ध के रोमांचक दृश्य देखने के लिए आसपास के जनपदों के साथ बड़े महानगरों से भी दर्शक पहुचे। मेले में लोगों की भारी भीड़ जुटी। आज का कुप्पी युद्ध चार चरणों में संपन्न हुआ, जबकि अगले दिन तीन चरणों में युद्ध का आयोजन किया जाएगा।
मेले में भारी पुलिस बल तैनात
कौशांबी में इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क है। इस दौरान एसडीएम भी मौके पर मौजूद रहे। मेले में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालु और दर्शक शांतिपूर्ण माहौल में इस ऐतिहासिक परंपरा का आनंद ले सकें। कुल मिलाकर, दारानगर की 247 साल पुरानी रामलीला आज भी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। कुप्पी युद्ध का रोमांच हो या रामायण के प्रसंगों का सजीव मंचन, हर दृश्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। (रिपोर्ट: अयमान अहमद)