1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. हाईकोर्ट में जज ने क्यों किया 'फ्लाईदुबई' की घटना का जिक्र? कोलकाता एयरपोर्ट की मस्जिद में नमाज पर चल रही थी सुनवाई

हाईकोर्ट में जज ने क्यों किया 'फ्लाईदुबई' की घटना का जिक्र? कोलकाता एयरपोर्ट की मस्जिद में नमाज पर चल रही थी सुनवाई

 Reported By: Onkar Sarkar,  Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Oct 01, 2026 05:46 pm IST,  Updated : Oct 01, 2026 05:46 pm IST

कलकत्ता हाई कोर्ट में कोलकाता एयरपोर्ट की मस्जिद में नमाज की इजाजत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस कृष्ण राव ने फ्लाईदुबई कॉकपिट घटना का हवाला दिया। कोर्ट ने सुरक्षा चिंताओं के बीच फिलहाल कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया।

Kolkata airport mosque, Calcutta High Court, Flydubai cockpit incident- India TV Hindi
कलकत्ता हाईकोर्ट में 'फ्लाईदुबई' की घटना का जिक्र हुआ। Image Source : ANI/AP

Highlights

  • रनवे से 165 मीटर दूर मस्जिद में नमाज पर सुरक्षा को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।
  • जज कृष्ण राव ने फ्लाईदुबई घटना का जिक्र कर कहा, खतरे सिर्फ भारत तक सीमित नहीं।
  • कोर्ट ने नमाज पर रोक नहीं हटाई, 7 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।

कोलकाता: कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति से जुड़ी याचिका पर गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार ने सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं। इसके बाद जस्टिस कृष्ण राव ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर 2026 को तय कर दी। बता दें कि यह मामला एयरपोर्ट परिसर में स्थित बकरा मस्जिद में नमाज पर रोक लगाए जाने से जुड़ा है। इस अहम सुनवाई के दौरान जज ने मिडिल-ईस्ट में हुई 'फ्लाईदुबई' की घटना का भी जिक्र किया।

एयरपोर्ट की मस्जिद में नमाज पर क्यों उठा विवाद?

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि इस मस्जिद में कई दशकों से लोग नमाज पढ़ते आ रहे हैं। उनका कहना था कि पहले CISF की निगरानी में नमाजियों की स्क्रीनिंग की जाती थी। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, स्क्रीनिंग के बाद नमाजियों को बस से मस्जिद तक ले जाया जाता था। नमाज पूरी होने के बाद उन्हें बस से वापस मुख्य सड़क तक लाया जाता था। उनका कहना था कि इस व्यवस्था के जरिए सुरक्षा का ध्यान रखते हुए नमाज की अनुमति दी जा रही थी।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने रनवे के पास होने पर जताई चिंता

एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से कोर्ट में कहा गया कि मस्जिद एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया में है और रनवे के काफी करीब स्थित है। रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद रनवे से करीब 165 मीटर की दूरी पर है। अधिकारियों ने पहले हुई सुरक्षा चूकों का भी हवाला दिया। अधिकारियों ने बताया कि कुछ मामलों में लोगों को एयरपोर्ट के एप्रन एरिया तक पहुंचते हुए पाया गया था। ऐसे में ऑपरेशनल एरिया में लोगों की आवाजाही को सुरक्षा के लिहाज से जोखिम माना जा रहा है।

सरकार ने कहा, '1993 के बाद बदले सुरक्षा हालात'

अधिकारियों की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल धीरज त्रिवेदी ने सुरक्षा स्थिति में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1993 से पहले इस तरह के ज्ञात सुरक्षा खतरों की स्थिति नहीं थी, लेकिन पिछले वर्षों में खतरे बढ़े हैं। त्रिवेदी ने 2025 के लाल किला हमले का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले खास तौर पर भारत में हो रहे हैं और मौजूदा सुरक्षा माहौल को देखते हुए एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थानों पर जोखिम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

जज कृष्ण राव ने किया 'फ्लाईदुबई' की घटना का जिक्र

इस पर जस्टिस कृष्ण राव ने कहा कि सुरक्षा खतरे सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बुधवार को हुई फ्लाईदुबई की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं आजकल हर जगह हो रही हैं। जज कृष्ण राव ने कहा,

'नहीं, सिर्फ भारत में नहीं। आजकल यह हर जगह हो रहा है। कल की फ्लाईदुबई घटना को देखिए। आप कल्पना भी नहीं कर सकते।'

कोर्ट की यह टिप्पणी उस घटना के एक दिन बाद आई, जिसमें इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को पायलटों के बीच टकराव के बाद सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया था। आरोप है कि फ्लाइट के ओमानी मूल के को-पायलट ने कैप्टन स्मित माच्छर पर हमला किया था। कहा जा रहा है कि को-पायलट विमान को क्रैश करवाना चाह रहा था।

कोर्ट ने फिलहाल नमाज पर लगी रोक नहीं हटाई

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नमाज की अनुमति देने के लिए कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। यानी फिलहाल एयरपोर्ट परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज को लेकर लागू मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अब अगली सुनवाई में अदालत सुरक्षा चिंताओं, मस्जिद की स्थिति और नमाजियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आगे विचार कर सकती है।

ये भी पढ़ें: कोलकाता में एयरपोर्ट के अंदर मौजूद मस्जिद पर क्या है विवाद? रोक के बावजूद पूर्व मंत्री ने किया नमाज पढ़ने का ऐलान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।