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ऑस्ट्रेलियाई IS रंगरूट की पत्नी ने दोष स्वीकारा

 Written By: Bhasha
 Published : Nov 16, 2015 06:26 pm IST,  Updated : Nov 16, 2015 06:26 pm IST

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के एक सर्वाधिक कुख्यात आतंकवादी मोहम्मद एलोमर की पत्नी ने विदेशों में आतंकवाद को मदद पहुंचाने का दोष सोमवार को स्वीकार कर लिया। एबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, फातिमा एलोमर(31) ने सिडनी के

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ऑस्ट्रेलियाई IS रंगरूट की पत्नी ने दोष स्वीकारा

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के एक सर्वाधिक कुख्यात आतंकवादी मोहम्मद एलोमर की पत्नी ने विदेशों में आतंकवाद को मदद पहुंचाने का दोष सोमवार को स्वीकार कर लिया। एबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, फातिमा एलोमर(31) ने सिडनी के डाउनिंग सेंटर जिला अदालत में सुनवाई के दौरान इस्लामिक स्टेट (आईएस) को मदद देने का दोष स्वीकार कर लिया। माना जाता है कि फातिमा का पति मोहम्मद एलोमर जून में साथी ऑस्ट्रेलियाई आईएस सदस्य खालिद शरौफ सहित इराक में संघर्ष के दौरान मारा गया था। फातिमा को आतंकवाद का मुकाबला करने वाले अधिकारियों ने मई 2014 में गिरफ्तार किया था, जब वह अपने चार बच्चों के साथ एक विमान से मलेशिया जाने का प्रयास कर रही थी।

आतंकवाद रोधी पुलिस ने कहा कि फातिमा के पास उस समय रुपये, वेश छिपाने का सामान और दवाइयां बरामद हुई थीं। अदालत ने दोनों के बीच बातचीत में सुना, फातिमा ने पूछा था कि उसे सीरिया में किस चीज की जरूरत होगी और उसके पति ने जवाब दिया था कि उसे खुद के लिए और बच्चों के लिए लंबी पैदल यात्रा के लिए जूते, सौर ऊर्जा संचालित टॉर्च, गर्म कपड़ों और सौर ऊर्जा चार्जर की जरूरत होगी।

मोहम्मद एलोमर ने उसे अपने साथ दाढ़ी बनाने का सामान और एक वॉटरप्रूफ जैकेट भी लाने को कहा। अदालती दस्तावेजों में दोनों के बीच तस्वीरों के आदान-प्रदान के चित्र भी थे, जिनमें से एक में मोहम्मद एलोमर बैसाखी लिए और दूसरी में शरौफ के बेटे छद्म वेशभूषा पहने और एक बंदूक थामे दिखाई दिए थे। सोशल मीडिया पर मोहम्मद एलोमर की पोस्ट साबित करती हैं कि ऑस्ट्रेलियाइयों के बीच वे एक लोकप्रिय और प्रभावशाली व्यक्तित्व थे, जिन्होंने आईएस के लिए लड़ाई लड़ी। पिछले वर्ष उसकी गिरफ्तारी के लिए ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने वारंट भी जारी किया था, लेकिन उसकी इच्छा लंबे समय से युद्ध में मरने की थी। उस पर उत्तरी ईरान के धार्मिक अल्पसंख्यक यजीदी की एक महिला को बंधक बनाने का भी आरोप लगा था। सरकार ने सितम्बर में अनुमान लगाया था कि आईएस और अन्य आतंकवादी संगठनों के समर्थन के लिए लगभग 120 ऑस्ट्रेलियाई इस समय इराक और सीरिया में मौजूद हैं।

 

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