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ईरान की नरगिस मोहम्मदी को दिया गया नोबेल शांति पुरस्कार, महिलाओं की आवाज उठाने के लिए कई बार गईं जेल

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Oct 06, 2023 03:03 pm IST,  Updated : Oct 06, 2023 04:00 pm IST

ईरान की महिला एक्टिविस्ट नरगिस मोहम्मदी को वर्ष 2023 का नोबल शांति पुरस्कार दिया जाएगा। मोहम्मदी ने महिलाओं के हक में काफी काम किया।

नरगिस मोहम्मदी - India TV Hindi
नरगिस मोहम्मदी Image Source : SOCIAL MEDIA

वर्ष 2023 का नोबेल शांति पुरस्कार ईरान की नरगिस मोहम्मदी को दिया जाएगा। ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ उन्होंने लंबी  लड़ाई लड़ी। मानवाधिकारों और आजादी के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया। मोहम्मदी को यह पुरस्कार ईरान में महिलाओं की हालत को बेहतर बनाने के लिए किए गए संघर्ष के चलते दिया गया। उन्होंने ईरान में महिलाओं की आजादी, उनके हालात को बेहतर बनाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। नॉर्वे नोबेल समिति के अध्यक्ष बेरिट रीस-एंडरसन ने शुक्रवार को ओस्लो में पुरस्कार का एलान किया। रीस-एंडरसन ने बताया कि मोहम्मदी 13 बार जेल गईं और उन्हें 5 बार दोषी करार दिया गया, उन्हें कुल 31 साल जेल की सजा सुनाई गई है।

'आंदोलन को जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा'

रीस-एंडरसन ने कहा, ‘सबसे पहले यह पुरस्कार ईरान में पूरे आंदोलन के लिए बहुत अहम कार्य और उसकी निर्विवाद नेता नरगिस मोहम्मदी को मान्यता देने के लिए है। पुरस्कार के प्रभाव पर निर्णय करना नोबेल कमिटी का काम नहीं है। हम आशा करते हैं कि इससे आंदोलन को जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, फिर चाहे यह जिस रूप में भी हो।’ बता दें कि मोहम्मदी ने 2019 में हुए हिंसक प्रदर्शन के पीड़ितों के स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें गत नवंबर में गिरफ्तार कर लिया था। मोहम्मदी 19वीं महिला हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है जबकि यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह दूसरी ईरानी महिला हैं। 


2003 में शिरिन इबादी को मिला था नोबेल पुरस्कार
मोहम्मदी से पहले 2003 में शिरिन इबादी को शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मोहम्मदी हाल ही में 22 साल की महसा अमीनी की मौत पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के लिए जेल में थीं। अमीनी की देश की मोरल पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद मृत्यु हो गई थी। उनकी मौत ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान में स्थापित धर्म आधारित शासन के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक चुनौती पेश की। अमीनी की मौत के बाद देश भर में शुरू हुए आंदोलन में 500 से अधिक लोग सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए जबकि करीब 22 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया। 

नोबेल विजेता को मिलती है भारी-भरकम राशि, साथ में डिप्लोमा भी
नोबेल पुरस्कार में 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 10 लाख अमेरिकी डॉलर या 8 करोड़ रुपये) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। दिसंबर में पुरस्कार समारोह में विजेताओं को 18 कैरेट का गोल्ड मेडल और डिप्लोमा भी प्रदान किया जाता है। प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुस्कार के विजेता का चुनाव नॉर्वे की एक्सपर्ट कमिटी ने 350 नामांकितों में से किया। पिछले साल का नोबेल प्राइज यूक्रेन, बेलारूस और रूस के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने जीता था। इस पुरस्कार को तब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके बेलारूसी समकक्ष और सहयोगियों के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा गया था।

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