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North Korea ने रूस को दी पावरफुल बैलिस्टिक मिसाइल, गुस्से से बिलबिलाया यूक्रेन, लगाया आरोप

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Aug 06, 2026 06:51 am IST,  Updated : Aug 06, 2026 07:34 am IST

पिछले कई साल से जारी रूस यूक्रेन के युद्ध में अब उत्तर कोरिया की एंट्री हो गई है। किम जोंग उन ने पुतिन को बैलिस्टिक मिसाइल की बड़ी खेप भेजी है, जिसके बाद यूक्रेन ने बड़ा आरोप लगाया है। जानें जेलेंस्की ने क्या कहा?

रूस यूक्रेन युद्ध में नॉर्थ कोरिया की एंट्री- India TV Hindi
रूस यूक्रेन युद्ध में नॉर्थ कोरिया की एंट्री Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • रूस-यूक्रेन युद्ध में नॉर्थ कोरिया की एंट्री
  • नॉर्थ कोरिया ने रूस को दी बैलिस्टिक मिसाइल
  • यूक्रेन ने लगाया बड़ा आरोप

Russia-Ukraine War में अब उत्तर कोरिया की एंट्री हो गई है। उत्तर कोरिया ने रूस को नई बैलिस्टिक मिसाइलों की आपूर्ति की है और मॉस्को के युद्ध प्रयासों को समर्थन देने के लिए एक विशेष मिसाइल इकाई भी तैनात की है। इसे लेकर जेलेंस्की ने नाराजगी जताई है और बड़ा आरोप लगाया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति का कहना है कि यह दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों में और अधिक मजबूती का संकेत है। यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी (HUR) के अनुसार, इस तैनाती में लगभग 90 उत्तर कोरियाई कर्मी, छह मिसाइल लॉन्चर और 120 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं, जिनमें 40 नई आपूर्ति की गई केएन-23 और केएन-24 मिसाइलें भी शामिल हैं। 


यूक्रेन ने लगाया आरोप
यूक्रेन ने कहा है कि अमेरिका में बनी पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक कम होने से बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव की उसकी क्षमता सीमित हो रही है। यूक्रेनी सेना के अधिकारियों का कहना है कि KN-23 और KN-24 मिसाइलों की रेंज रूस की इस्कंदर मिसाइलों से ज़्यादा है और उनमें ज़्यादा बड़ा वॉरहेड होता है, लेकिन उनकी सटीकता काफी कम है; कई हमलों में आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है। ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब रूस यूक्रेन पर अपने मिसाइल हमले तेज़ कर रहा है।

पुतिन की मदद में उतरे किम जोंग उन
उत्तर कोरिया की मिसाइलों की यह तैनाती मॉस्को और प्योंगयांग के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का एक और संकेत है, जो फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू करने के बाद से और बढ़ा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने जून 2024 में पुतिन की प्योंगयांग यात्रा के दौरान 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि' पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे को तत्काल सैन्य और अन्य सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, अगर किसी एक पर भी सशस्त्र हमला होता है।

दक्षिण कोरिया ने बताई खास बात
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने 2024 में बताया था कि उत्तर कोरिया ने उस साल फरवरी तक रूस को गोला-बारूद से भरे लगभग 6,700 कंटेनर भेजे थे। इनमें 30 लाख से ज़्यादा 152 मिमी आर्टिलरी शेल, लगभग 5 लाख 122 मिमी राउंड, या दोनों का मिश्रण शामिल था। अप्रैल 2025 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में पाया गया कि उत्तर कोरिया का सैन्य समर्थन काफी बढ़ गया है। सितंबर 2023 से मार्च 2025 के बीच चार रूसी कार्गो जहाजों ने उत्तर कोरिया और रूस के बीच 64 यात्राएं कीं और अनुमानित 40 लाख से 60 लाख आर्टिलरी शेल पहुंचाए।

उत्तर कोरिया और रूस की दोस्ती
अप्रैल 2025 में, उत्तर कोरिया ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उसने 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि' के तहत रूसी सेना के साथ मिलकर लड़ने के लिए सैनिक तैनात किए थे। सरकारी मीडिया ने कहा कि किम जोंग उन ने इस तैनाती को मंजूरी दी थी और उत्तर कोरियाई सैनिकों ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र में अभियानों में हिस्सा लिया था। रूस ने भी लड़ाई में उत्तर कोरियाई सैनिकों की भागीदारी की सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है।

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