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बांग्लादेश में सांप्रदायिक हमलों के बाद 6 हिंदू परिवारों ने देश छोड़ा

 Written By: IANS
 Published : Nov 03, 2016 07:01 am IST,  Updated : Nov 03, 2016 07:01 am IST

ढाका: बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया जिले में रविवार को हुए सांप्रदायिक हमलों के बाद कम से कम छह हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हमले के दौरान कई मंदिरों को तोड़

Bangladesh communal violence- India TV Hindi
Bangladesh communal violence

ढाका: बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया जिले में रविवार को हुए सांप्रदायिक हमलों के बाद कम से कम छह हिंदू परिवारों को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हमले के दौरान कई मंदिरों को तोड़ दिया गया और 100 से अधिक हिंदुओं के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सन 1971 के मुक्ति संग्राम के वक्त सामूहिक जनसंहार के बावजूद देश छोड़ने को तैयार न हुए लोग रविवार को हुए हमले के बाद सोच रहे हैं कि अगर जान बचानी है, तो उन्हें देश छोड़ना ही होगा।

हमले में महिलाओं सहित लगभग 100 लोग घायल हुए हैं।

ढाका ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक हिंदू युवक राजराज दास द्वारा फेसबुक पर कथित तौर पर मानहानि की एक पोस्ट पर एक रैली के बाद लगभग 3,000 मुसलमानों ने नासिरनगर के हिंदू इलाकों में श्रृंखलागत हमलों में हिस्सा लिया। हमले से एक दिन पहले रासराज ने मुसलमानों से माफी मांगते हुए कहा था कि उसका अकाउंट हैक कर लिया गया था।

नासिरनगर के लगभग 33 फीसदी मतदाता हिंदू हैं और उन्होंने हमेशा सत्तारूढ़ अवामी लीग का साथ दिया है।

रासराज के क्षतिग्रस्त घर में ढाका ट्रिब्यून के संवाददाता को कोई नहीं मिला, क्योंकि उसके माता-पिता व भाई-बहन कहीं जाकर छिप गए हैं। रासराज के स्थानीय मित्र डर की वजह से लोगों के सामने यह स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि वह उनका मित्र है। 

कुछ परिवार पहले ही गांव छोड़कर जा चुके हैं। हिंदू समुदाय के एक बुजुर्ग ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा कि बीते दो दिनों के दौरान कम से कम पांच परिवार सीमा पार कर भारत जा चुके हैं।

उन्होंने कहा, "कई हिंदू परिवार अपना घरबार छोड़कर जा चुके हैं और गांव वापस आने से डर रहे हैं। मैं यहां हालात का मुआयना करने आया था और रात में अपने संबंधी के घर के चला जाऊंगा।"

रासराज को जानने वाले स्थानीय बुलु मियां ने कहा कि वह अच्छा लड़का था। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उसे काबा (मक्का स्थित मुसलमानों का पवित्रतम स्थल) के बारे में पता नहीं था। जब वह एक अशिक्षित व्यक्ति है, तो फिर वह फेसबुक पर फोटो कैसे पोस्ट कर सकता है।"

शनिवार तड़के एक पोस्ट में रासराज ने फेसबुक पर मुसलमानों से माफी मांगते हुए कहा कि उसका अकाउंट हैक कर लिया गया था।

बुलु मियां ने कहा कि उन्होंने गांव में ऐसा सांप्रदायिक हमला कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा, "यहां हिंदू व मुसलमान एक साथ रहते हैं और सभी कार्यक्रमों में साथ-साथ शरीक होते हैं।"

यह पूछे जाने पर कि क्या रासराज का किसी से झगड़ा हुआ था, बुलु मियां ने कहा कि हो सकता है कि उसने अपनी मत्स्य परियोजना के लिए कुछ मुसलमान कारोबारियोंसे ऋण लिया हो। उन्होंने कहा, "उसने हमसे कहा था कि वह ऋण लेना चाह रहा है।"

स्थानीय हिंदुओं ने कहा कि घरों को क्षतिग्रस्त करने वाले हमलावरों ने कीमती चीजें भी लूट लीं।

हिंदू समुदाय के लोगों ने कहा कि उन्हें घर से बाहर जाने में डर लग रहा है और हमले का खतरा है।

रविवार को हुए हमले को लेकर पुलिस ने 1,000 से अधिक लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं।

अवामी लीग के चार सदस्यीय दल ने आयोजन सचिव ए. के. एम. इनामुल हक शमीम के नेतृत्व में क्षतिग्रस्त मंदिरों व मकानों का दौरा किया और हिंदुओं को आश्वासन दिया कि वे हालात की सूचना प्रधानमंत्री शेख हसीना को देंगे।

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