क्वेटा: सोमवार को पाकिस्तान के प्रांत क्वेटा के सिविल अस्पताल में आत्मघाती हमले में कम से कम 70 लोग मारे गए हैं जबकि 100 से अदिक घायल हुए हैं। मरने वालों में 55 वकील हैं। ये हमला उस समय हुआ जब बलूचिस्तान बार एसोसिेसन के प्रेसीडेंट बिलाल अनवर कासी की एक अन्य हमले में मरने की ख़बर फ़ैलते ही लोग अस्पताल में जमा होने लगे।
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए गुट जमात-उल-अहरार ने कासी को मारने और आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले की जिम्मेदारी ISIS ने भी ली है। आतंकी गुट की न्यूज़ एजेंसी अमाक़ के अनुसार “क्वेटा के अस्पताल में IS के एक शहीद ने खुद को बम से उड़ाकर हमले को अंजाम दिया।”
जमात-उल-अहरार के प्रवक्ता ने दावा किया कि दोनों हमले उनके गुट ने कराए हैं और धमकी दी कि पाकिस्तान में जब तक इस्लामी क़ानून लागू नहीं होगा ऐसे हमले जारी रहेंगे। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सनाउल्लाह ज़ेहरी ने हमले में भारतीय गुप्तचर एजेंसी RAW के शामिल होने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि RAW के शामिल होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता और आरोप लगाया कि RAW ने इसके पहले भी क्वेटा और अन्य जगहों पर ऐसे हमले करवाए हैं।
प्रशासन का मानना है कि दोनों हमलों के तार जुड़े हुए हैं और विस्फ़ोट आत्मघाती हमलावर ने किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार की शाम हमलावर का सिर भी मिल गया। बलूचिस्तान के गृहमंत्री सरफ़राज़ बुगती ने आत्मगाती हमले की पुष्टि की और कहा कि हमलावर ने आठ किलोग्राम विस्फोटक बांध रखा था।
इसके पहले कासी को दो हमलावरों ने गोली मार दी थी। उन्हें अस्पताल लाया गया था। उनकी मौत की ख़बर फ़ैलते ही उनके दोस्त, परिजन, वकील और मीडिया अस्पताल पहुंचा। ये संख्या जैसे ही बढ़ी आत्मगाती हमलावर ने ख़ुद को बम से उड़ा दिया। हमले में न्यूज़ चैनल के दो कैमरामैन भी मारे गए।