इस्लामाबाद: अफगानिस्तान के एक अधिकारी ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक से आज भेंट कर तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर के मारे जाने के बाद अफगान शांति प्रक्रिया सहित तमाम मुद्दों पर चर्चा की। मंसूर हाल ही में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया। अफगान राजदूत हजरत उमर जखिलवाल ने विदेश मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज से यहां भेंट की।
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, मुल्ला मंसूर के मारे जाने और उसके स्थान पर कट्टरपंथी मुल्ला हबीबुल्ला को तालिबान प्रमुख नियुक्त किए जाने की पृष्ठभूमि में उन्होंने अफगान शांति प्रक्रिया के भविष्य पर चर्चा की। हमले के बाद पाकिस्तान बहुत खफा था और उसका कहना है कि यह अफगान शांति प्रक्रिया के लिए बड़ा झटका है।
ड्रोन हमले के बाद अजीज ने कहा था, ड्रोन हमले में 21 मई को मुल्ला मंसूर की मौत ने अफगान संघर्ष में जटिलता ला दी है। उन्होंने कहा था, हमारा मानना है कि इस कार्रवाई ने अफगान शांति प्रक्रिया को बाधित कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि शांति प्रक्रिया कई महीने पीछे धकेल दी गयी हैं, क्योंकि मंसूर की मौत के बाद नये तालिबान नेता पर बातचीत बंद करने का दबाव होगा।