नई दिल्ली. अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो चुका है। काबुल की सड़कों पर अब तालिबानी लड़ाकों का पहरा है। काबुल की सड़कों पर कभी हर वक्त दिखाई देने वाली अफगानी सेना और पुलिस पूरी तरह से गायब है। तालिबान के लड़ाके इनकी तलाश में डोर-टू-डोर सर्च ऑपरेशन चलाए हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि काबुल में जिस भी तरफ तालिबान के लड़ाके निकलते दिखाई दिए, वहां महिलाएं घरों में कैद हो गईं। तालिबान ने ऐलान कर दिया है कि महिलाओं का बाहर काम करना हराम है।
तालिबान से जान बचाने के लिए हजारों की तादाद में अफगानी कल काबुल एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां से पूरे दिन झकझोरने वाली तस्वीरें सामनें आती रहीं। अफगानिस्तान के हालातों पर जहां विश्व समुदाय चिंतित है, वहीं चीन, पाकिस्तान और रूस तालिबान को अफगान सरकार के तौर पर मान्यता देने की बात कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने अफगानिस्तान में उभरे संकट के लिए अशरफ गनी को जिम्मेदार ठहराया है। अफगानिस्तान से जुड़ी तमाम अपडेट्स आप हमारे इस पेज पर जान सकेंगे।