ढाका: बांग्लादेश में आतंकवाद रोधी एक शीर्ष पुलिस अधिकारी की पत्नी की गोली मारकर हत्या के चंद घंटे बाद आज चाकूधारी हमलावरों ने चर्च के पास एक ईसाई कारोबारी की हत्या कर दी। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली है। मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्ष लेखकों पर नृशंस हमले हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक श्यामल मुखर्जी ने फोन पर बताया कि देश के उत्तर पश्चिमी नाटोर जिले में सुनील गोम्स (65) की बानपारा गांव में एक गिरजाघर के पास हत्या कर दी गयी। यह गांव बांग्लादेश में ईसाई समुदायों के सबसे पुराने गांवों में से है। उन्होंने बताया कि गोम्स की हत्या के बाद हमलावर मौके से तत्काल फरार हो गये। उनका शव उनकी किराने की दुकान से मिला।
मुखर्जी ने कहा, हमें अभी घटना का विवरण जानना है, हमारे पुलिसकर्मी हत्या के बारे में सूचना जुटा रहे हैं। घटना के कुछ घंटे बाद अमेरिकी साइट खुफिया समूह ने इस्लामिक स्टेट की अमक एजेंसी के हवाले से कहा कि आतंकवादी समूह ने हत्या की जिम्मेदारी ली है। इससे कुछ घंटे पहले ही पुलिस अधीक्षक बाबुल अख्तर की पत्नी को चटगांव में उनके नाबालिग बेटे के सामने मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावरों ने आज चाकुओं से गोद दिया और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। अख्तर ने आतंकवादियों और मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया था।
पुलिस ने बताया कि अख्तर की पत्नी महमूदा अख्तर (33) को बंदूकधारियों ने यहां से करीब 275 किलोमीटर दूर स्थानीय समयानुसार सुबह करीब छह बजकर 45 मिनट पर उस समय निशाना बनाया जब वह अपने छह साल के बेटे को स्कूल के लिए नजदीक के बस अड्डे छोड़ने जा रही थीं। बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने कहा कि पुलिस को संदेह है कि महमूदा की हत्या के पीछे धार्मिक चरमपंथियों का हाथ है। कमाल ने कहा कि अख्तर की पत्नी की हत्या के पीछे इस्लामिस्ट चरमपंथियों का हाथ हो सकता है क्योंकि अख्तर ने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के खिलाफ अभियान में अहम भूमिका निभाई थी।
बाबुल अख्तर ने चटगांव में खुफिया शाखा के साथ अतिरिक्त उपायुक्त के रूप में आतंकी ठिकानों पर छापेमारी की कई कार्रवाइयों का नेतृत्व किया है और आतंकवाद से संबंधित कई मामलों की जांच की। उन्हें अप्रैल में पदोन्नति मिली थी। वर्तमान में वह पुलिस अधीक्षक के रूप में ढाका में पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं। उन्होंने शीर्ष आतंकवादियों को पकड़ने तथा दक्षिण तटीय जिले में उनके ठिकानों को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह बाबुल की जांच की वजह से ही था कि प्रतिबंधित संगठन जेएमबी के एक ठिकाने का भंडाफोड़ हुआ और पिछले साल अक्तूबर में इसकी सैन्य इकाई के प्रमुख मोहम्मद जावेद की गिरफ्तारी हुई।