सीरिया के होम्स शहर में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक मस्जिद में हुए धमाके में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। विस्फोट वादी अल-दहब इलाके की इमाम अली बिन अबी तालिब मस्जिद में हुआ।
जॉर्डन ने इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर अमेरिका के साथ मिलकर हमले करने की पुष्टि की है। यह हमला इस महीने की शुरुआत में 3 अमेरिकी नागरिकों की हत्या के जवाब में किया गया था। जॉर्डन ने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य चरमपंथियों को रोकना और क्षेत्रीय सुरक्षा को बनाए रखना था।
अमेरिकी सेना ने 19 अक्टूबर को सीरिया के दुमैर में छापेमारी की, जिसमें एक अंडरकवर एजेंट, खालिद अल-मसूद मारा गया। परिवार और अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी सेना को गलत जानकारी दी गई थी, जिससे यह घटना हुई।
छत्तीसगढ़ ATS ने रायपुर में ISIS के लिए काम कर रहे दो नाबालिगों को पकड़ा है, जो पाकिस्तान स्थित मॉड्यूल के इशारे पर फर्जी सोशल मीडिया ID से देशविरोधी और कट्टरपंथी सामग्री फैला रहे थे। इंस्टाग्राम के जरिए उन्हें बरगलाया गया था। ATS ने तकनीकी सबूतों के आधार पर UAPA के तहत कार्रवाई की।
ISWAP ने दावा किया कि उसने ब्रिगेडियर जनरल एम. यूसुफ उबा को पकड़कर मार डाला, जबकि नाइजीरियाई सेना ने इस खबर को झूठ बताया। हाल के वर्षों में ISWAP के हमले बढ़े हैं और कई सैन्य चौकियां निशाना बनी हैं।
दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ISIS-प्रेरित आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। इसका सरगना अशर दानिश IED बनाते समय घायल हुआ था और उसकी आंख में चोट लगी थी। मॉड्यूल देशभर में आतंकी हमलों की तैयारी में था।
कांगो के नॉर्थ किवु प्रांत में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकी गुट ADF ने जनाजे पर हमला कर 60 से अधिक लोगों की हत्या कर दी। हमलावरों ने तलवारों से लोगों को काटा। ADF पहले भी चर्चों और गांवों पर हमले कर चुका है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं।
इराक के मोसुल में ऐतिहासिक अल-नूरी मस्जिद को पुनर्निर्माण के बाद फिर से खोल दिया गया। 850 साल पुरानी यह मस्जिद 2017 में IS आतंकियों ने तबाह कर दी थी। यूनेस्को, UAE और EU की मदद से इसे पारंपरिक तरीकों से दोबारा बनाया गया है।
इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा का सबसे अधिक खतरा अफ्रीका में है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने एक नई रिपोर्ट में यह बात कही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट यूरोप और अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, अफ्रीका और सीरिया में इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ये संगठन ड्रोन, सोशल मीडिया और हवाला जैसे तरीकों से अपना नेटवर्क मजबूत कर रहे हैं।
कांगो के इरुमु क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकियों ने हमला करके कम से कम 66 लोगों की जान ले ली। माना जा रहा है कि यह हमला सैन्य बमबारी के जवाब में हुआ।
आरोपी रहीमान हिंसक जिहादी विचारधारा फैलाने, कट्टरपंथी बनाने और कमजोर मुस्लिम युवाओं की भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ISIS प्रचार चैनल संचालित कर रहा था।
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने ऐलान किया कि इस्लामिक स्टेट के प्रमुख अब्दल्लाह माकी मोसलेह अल-रिफाई को इराक में ऑपरेशन के दौरान मार दिया गया। यह ऑपरेशन इराकी और अमेरिकी बलों ने मिलकर किया।
सीरिया से राष्ट्रपति बशर-अल-अशद के सत्ता से बेदखल होने के बाद इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के फिर से हावी होने का खतरा है। इसलिए अमेरिका अपने सैनिकों को सीरिया से नहीं हटाना चाहता है।
न्यू ऑरलियन्स और लास वेगास जैसे आतंकी हमलों के बाद अमेरिका में मुसलमानों को बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप आतंकवाद के खिलाफ और भी ज्यादा कठोर और आक्रामक कदम उठा सकते हैं।
इराक में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों पर किए गए हमले में 15 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 7 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। यह हमला इराक और अमेरिकी बलों ने मिलकर किया था। आतंकियों के कई ठिकाने पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।
चाकू से ये हमला शुक्रवार को सोलिंगेन शहर के फ्रॉनहोफ चौक पर किया गया। शहर में इसी चौक पर एक तीन दिवसीय उत्सव चल रहा था। इसमें लाइव बैंड, संगीत और खाने का पूरा इंतजाम था। शहर के लोगों की काफी भीड़ जमा हुई थी।
कांगों में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने एक गांव पर भीषण हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम 16 ग्रामीणों के मारे जाने की खबर है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार मरने वालों की संख्या अभी बढ़ सकती है। दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के पुणे मॉड्यूल से एक वॉन्टेड आतंकवादी रिजवान अब्दुल हाजी अली को गिरफ्तार किया है जिसे लेकर बड़ा खुलासा सामने आ रहा है।
अमेरिका की सैन्य शाखा यूएस सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट के अनुसार खूंखार आतंकी संगठन स्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) ने फिर खुद को बेहद मजबूत कर लिया है। इस बात का गवाह गत वर्ष ईराक और सीरिया पर हुए दोगुने हमले गवाही दे रहे हैं।
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