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Explainer: फिर से कैसे खड़े हो रहे अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट? UN की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, अफ्रीका और सीरिया में इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ये संगठन ड्रोन, सोशल मीडिया और हवाला जैसे तरीकों से अपना नेटवर्क मजबूत कर रहे हैं।

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX
Published : Jul 31, 2025 10:21 am IST, Updated : Jul 31, 2025 10:21 am IST
UN terrorism report 2025, ISIS in Africa, Al-Qaeda in Syria- India TV Hindi
Image Source : AP FILE इस्लामिक स्टेट अपनी ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है।

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र के एक्सपर्ट्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकवादी संगठन अफ्रीका के कुछ हिस्सों में बेहद ज्यादा खतरनाक और ताकतवर हो गए हैं। एक्सपर्ट्स ने साथ ही कहा कि सीरिया में भी इनका खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जहां ये संगठन इसे अपने बाहरी हमलों का अड्डा मानते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम अफ्रीका में अल-कायदा से जुड़ा जमात नस्र अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (JNIM) और पूर्वी अफ्रीका में अल-शबाब ने अपने कब्जे वाले इलाकों को और बढ़ा लिया है।

आतंकी संगठनों ने क्यों किया अफ्रीका का रुख

विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकी संगठनों को एंटी-टेररिज्म ऑपरेशंस के कारण बहुत ज्यादा नुकसान हुआ, जिसके बाद इन संगठनों ने अफ्रीका की ओर रुख किया। पश्चिम अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में JNIM ने उत्तरी माली और बुर्किना फासो के ज्यादातर हिस्सों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इस संगठन ने ड्रोन, बम और बड़ी संख्या में लड़ाकों के साथ जटिल हमले करने की क्षमता हासिल कर ली है। दूसरी ओर, इस्लामिक स्टेट इन ग्रेटर सहारा ने नाइजर और नाइजीरिया की सीमा पर अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। पूर्वी अफ्रीका में अल-शबाब ने दक्षिणी और मध्य सोमालिया में अपने हमले तेज कर दिए हैं।

सीरियाई राष्ट्रपति के वादे पर एक्सपर्ट्स को भरोसा नहीं

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि अल-शबाब का यमन के हूती विद्रोहियों से संपर्क है, जिनसे वे हथियार लेते हैं और ट्रेनिंग भी हासिल करते हैं। इसमें कहा गया है कि सीरिया में हालात बेहद नाजुक हैं। पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति बशर असद के सत्ता से हटने के बाद वहां आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दमिश्क पर कब्जे के लिए हुई लड़ाई में 5000 से ज्यादा विदेशी आतंकवादी लड़ाके शामिल थे। अल-कायदा से जुड़े हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के सरगना रहे सीरिया के नए अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने वादा किया है कि देश में जल्द ही निष्पक्ष चुनाव होंगे, लेकिन एक्सपर्ट्स को इस पर शक है।

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Image Source : AP FILE
सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा।

खुरासान ग्रुप ने लोगों को दी है कट्टरपंथ की ट्रेनिंग

एक्सपर्ट्स ने कहा है कि सीरियाई सेना में कई वरिष्ठ पदों पर विदेशी और स्थानीय नेताओं की नियुक्ति की गई है, जिनमें से कुछ की महत्वाकांक्षाएं सीरिया की सरहदों को लांघ सकती है। उन्होंने साथ ही चेतावनी दी है कि इस्लामिक स्टेट यूरोप और अमेरिका के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। खासकर, इसके अफगानिस्तान स्थित खुरासान ग्रुप ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग के जरिए लोगों को कट्टरपंथी बनाया है। अमेरिका में हाल ही में कई आतंकी साजिशें पकड़ी गईं, जिनमें से कुछ गाजा-इजरायल संघर्ष से प्रेरित थीं। अमेरिका में 2016 के बाद हुए सबसे घातक आतंकी हमले में न्यू ऑरलियन्स में इस साल जनवरी में एक शख्स ने IS के समर्थन में भीड़ पर गाड़ी चढ़ा दी, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई।

इस्लामिक स्टेट की आर्थिक स्थिति हुई डंवाडोल

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सीरिया में HTS के सत्ता में आने के बाद से इस्लामिक स्टेट की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। इसके लड़ाकों की तनख्वाह 50-70 डॉलर प्रति माह और परिवारों को दी जाने वाली रकम 35 डॉलर प्रति माह तक कम कर दी गई है। इससे पहले लड़ाकों और उनके परिवारों को इतने कम पैसे कभी नहीं मिले। ये पैसे भी समय से नहीं दिए जा रहे, जिससे संगठन की आर्थिक तंगी का अंदाजा लगता है। बता दें कि आतंकवादी संगठन स्थानीय संसाधनों का शोषण, टैक्स वसूली, फिरौती के लिए अपहरण और कारोबार का इस्तेमाल करके पैसा जुटाते हैं। इस्लामिक स्टेट अब महिला कुरियर और हवाला सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है, जहां पैसा क्लाउड में स्टोर किया जाता है ताकि पकड़ा न जाए।

आने वाले दिनों में आतंकी हमलों में हो सकती है बढ़ोतरी

आतंकवादी पैसों के लिए 'सुरक्षित ड्रॉप बॉक्स' का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जहां पैसा एक्सचेंज ऑफिस में जमा किया जाता है और पासवर्ड या कोड से निकाला जाता है। एक्सपर्ट्स ने सेंट्रल एशिया और अफगानिस्तान में विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की वापसी पर भी चिंता जताई है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह देखा जाए तो आने वाले दिनों में दुनिया के इन हिस्सों में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर डिटेल में बात की है और दुनिया भर के देशों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

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