नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है कि इस मॉड्यूल का सरगना अशर दानिश IED विस्फोटक बनाने के दौरान घायल हो गया था और उसकी आंख में चोट लगी थी। सूत्रों के मुताबिक, इस ग्रुप के करीब 50 लोग सक्रिय थे, जो सभी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर थे। ये लोग आपस में बातचीत के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि इन 50 में से सिर्फ 5 लोगों को ही मॉड्यूल की पूरी साजिश और आतंकी योजना की जानकारी थी।
7 लोगों को सबूत न मिलने पर छोड़ दिया गया
पुलिस के मुताबिक, यह मॉड्यूल देशभर में बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में था। वे कच्चा माल जुटाने की प्रक्रिया में थे, तभी एजेंसियों ने उन्हें दबोच लिया। इस कार्रवाई में दिल्ली, मुंबई, झारखंड सहित 5 राज्यों में छापेमारी की गई थी। बेंगलुरु से 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 7 को सबूत न मिलने पर छोड़ दिया गया। वहीं, दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से 2 संदिग्ध आतंकियों, आफताब और अबु सुफियान, को गिरफ्तार किया गया। दोनों मुंबई के रहने वाले हैं और मेवात से हथियार खरीदकर मुंबई जाने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके पास से 3 पिस्टल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, इनके ठिकानों से IED बनाने का सामान भी मिला है।
सुसाइड जैकेट भी तैयार कर रहे थे आतंकी
आतंकियों से पूछताछ में कुछ और बड़े खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों में से कुछ फिदायीन बनने की तैयार हो चुके थे। फिदायीन हमले के लिए सुसाइड जैकेट भी तैयार कर रहे थे। आतंकियों की चैट्स से खुलासा हुआ है ये टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम देने वाले थे। इनके निशाने पर कुछ राइट विंग लीडर थे। बताया जा रहा है कि अभी इस मॉड्यूल में कुछ और लोग भी शामिल हैं जिनकी तलाश जारी है।
रांची से पकड़ा गया था सरगना अशर दानिश
झारखंड के रांची से मॉड्यूल के सरगना अशर दानिश को गिरफ्तार किया गया। वह बोकारो का रहने वाला है और इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक मॉड्यूल से संबंधित था। उसके ठिकाने से भी केमिकल और IED बनाने का सामान बरामद हुआ है। सूत्रों के अनुसार, दानिश कई महीनों से सुरक्षा एजेंसियों की नजर में था। दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ, झारखंड के ATS और रांची पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन में IS से प्रेरित इस मॉड्यूल के दो संदिग्धों को पकड़ा था। एक सूत्र ने बताया कि ये लोग इस्लामिक स्टेट के नेटवर्क के अन्य सदस्यों के संपर्क में थे और भारत में संगठन के एजेंडे को बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल थे।






