लाहौर: मुंबई हमलों के मामले में अभियोजन पक्ष को उस समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा जब एक प्रमुख गवाह ने अपनी बात से पलटते हुए कहा कि हमले के बाद जिंदा पकड़ा गया और फिर फांसी पर लटका दिया गया इकलौता बंदूकधारी अजमल कसाब जिंदा है। अदालत के एक अधिकारी ने आज पीटीआई भाषा से कहा, फरीदकोट के प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर मुदस्सिर लखवी ने अदालत को बताया कि उन्होंने कसाब को पढ़ाया था और वह जिंदा है ।
अजमल कसाब इस स्कूल में तीन साल तक पढ़ा था । अडियाला जेल रावलपिंडी में आतंकवाद-रोधी अदालत इस्लामाबाद के न्यायाधीश ने कल सुनवाई की । कल ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहाकार सरताज अजीज के बीच हुई बैठक में पाकिस्तान ने भारत को आश्वासन दिया था कि मुंबई हमलों के मामले की सुनवाई के जल्द फैसले के लिए कदम उठाए जा रहे हैं ।
अधिकारी ने कहा, हेडमास्टर ने अजमल कसाब के जिंदा होने का दावा कर अभियोजन पक्ष के लिए बहुत शर्मिंदगी वाली हालत पैदा कर दी। उन्हें कुछ प्रासंगिक रिकॉर्डों के साथ उस अवधि का रिकॉर्ड पेश करना था, जब अजमल कसाब वहां पढ़ा था लेकिन वह कुछ और ही कहते रहे। अभियोजन पक्ष भी उनसे सही ढंग से जिरह करने में विफल रहा।