उलानबटोर: मंगोलिया की राजधानी में 11वें एशिया-यूरोप बैठक शिखर सम्मेलन की शुरूआत फ्रांस के नीस शहर में हुए ट्रक हमले में मारे गए कम से कम 80 लोगों की याद में कुछ पलों का मौन रखने के बाद हुई। इस सम्मेलन में भारत समेत 49 देशों के शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं। मंगोलिया के राष्ट्रपति साखियागिन एल्बेगदोर्ज ने एएसईएम के सदस्य देशों का स्वागत किया।
शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी कर रहे हैं। एशिया-यूरोप बैठक (एएसईएम) एक अनौपचारिक अंतर-क्षेत्रीय वार्ता है, जिसके तहत राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, वित्तीय, सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा की जानी है।
इस साल के सम्मेलन में एएसईएम के 51 साझेदारों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और दो अंतरसरकारी संगठन हिस्सा ले रहे हैं। प्रतिनिधिमंडलों में से 30 यूरोपीय और 21 एशियाई देशों से हैं। इस सम्मेलन की थीम एएसईएम के 20 साल: संपर्क के जरिए भविष्य के लिए साझेदारी है। बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस, चेक गणराज्य, लातविया, म्यांमा, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।
जापान, चीन, फिनलैंड, लग्जमबर्ग, रूस और नीदरलैंड समेत 23 देशों के सरकार प्रमुख इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं जबकि शेष 16 देशों की ओर से उनके विदेशमंत्री सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क कर रहे हैं। दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संघ का प्रतिनिधित्व आसियान के महासचिव ली लुओंग मिन्ह कर रहे हैं।