इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि कुछ तत्वों ने अराजकता और खूनखराबा फैलाकर इस्लाम की छवि खराब की है। उन्होंने धार्मिक विद्वानों से समाज में चरमपंथ के मूल कारणों को खत्म करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
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वह लाहौर में नेशनल सीरत कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे जिसका आयोजन पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के मौके पर किया गया। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, शरीफ ने कहा कि इस्लाम शांति एवं सहिष्णुता का धर्म है और यह अफसोस की बात है कि कुछ तत्वों ने अराजकता और खूनखराबा फैलाकर इसकी छवि खराब की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व, धर्म विद्वानों, सैन्य बलों और पुलिस के प्रयासों और बलिदान के कारण आतंकवादियों के ठिकाने लगभग खत्म हो गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘पैगंबर मोहम्मद के जीवन और शिक्षा से निर्देश प्राप्त करके इस्लाम और शांति के बीच संबंध फिर से स्थापित करना धर्म विद्वानों की जिम्मेदारी है।’ शरीफ ने कहा कि मानवता और मानव जीवन का सम्मान इस्लाम की शिक्षा का अभिन्न हिस्सा है तथा पैगंबर मोहम्मद ने उच्च नैतिक मूल्यों पर आधारित समाज की आधारशिला रखी।