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मसूद मामले पर बोली चीनी मीडिया: चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंधों से होगा भारत को नुकसान

 Written By: Bhasha
 Published : Apr 07, 2016 07:28 am IST,  Updated : Apr 07, 2016 07:28 am IST

अगर भारत चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध कड़े करता है, अगर वह चीनी कंपनियों को दी गई सुरक्षा मंजूरी को खत्म करता है तो इससे भारत को फायदे से ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा।

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बीजिंग: चीन के आधिकारिक मीडिया ने भारत को आगाह किया कि अगर वह संयुक्त राष्ट्र में जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को प्रतिबंधित कराने में बीजिंग द्वारा रोड़ा लगाए जाने के बदले अपने देश में चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध को कड़ा करने के कथित कदम पर आगे बढ़ता है तो उसे 'फायदे से ज्यादा नुकसान' होगा।

सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया, 'अगर भारत चीनी कंपनियों पर सुरक्षा प्रतिबंध कड़े करता है, अगर वह चीनी कंपनियों को दी गई सुरक्षा मंजूरी को खत्म करता है तो इससे भारत को फायदे से ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा।'

यह लेख भारत में आधिकारिक सूत्रों द्वारा यह कहे जाने के बाद आया है कि पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकी हमले के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रयासों में चीन द्वारा रोड़ा लगाए जाने के बाद सुरक्षा प्रतिष्ठान का मत है कि चीनी कंपनियों को दी गई सुरक्षा मंजूरी की समीक्षा की जानी चाहिए।

शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज में इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस से जुड़े शोध सदस्य हू झियोंग ने कहा, 'चीनी कंपनियां संभावित सुरक्षा मंजूरी समीक्षा के चलते भारत में अपनी विस्तार योजनाओं के बारे में दो बार सोचने को मजबूर होंगी । इस तरह, भारत का विकास, जो इसके आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए चीन पर निर्भर है, बाधित होगा।'

हालांकि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 2014 में अपनी भारत यात्रा के दौरान अगले पांच वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी, लेकिन भारतीय अधिकारियों और कारोबारी संगठनों का कहना है कि भारत द्वारा चीनी कंपनियों के लिए वीजा नियमों और सुरक्षा मंजूरी में ढील दिए जाने के बावजूद चीनी निवेश का प्रवाह कम है। भारत में चीनी दूतावास के एक अधिकारी और चीन के विदेशी निवेश के जानकार ने ग्लोबल टाइम्स से बातचीत में माना कि हाल के वर्षों में, खासकर 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद और पिछले साल नवंबर में गृहमंत्री राजनाथ सिंह की चीन यात्रा के बाद चीनी कंपनियों के लिए भारत की सुरक्षा मंजूरी में ढील के संकेत दिखे हैं।

अधिकारी ने कहा, 'हालांकि भारत ने चीनी कंपनियों की एक सुरक्षा समीक्षा की, फिर भी भारत में मौजूद चीनी कंपनियों का कहना है कि आम कारोबारी माहौल सुधर रहा है और चीनी कंपनियों का फीडबैक सकारात्मक है।' मीडिया में आई खबरों में कहा गया है कि भारत सरकार ने पिछले दो साल में लगभग 25 चीनी कंपनियों को परियोजनाओं के लिए सुरक्षा मंजूरी दी है। इनमें से ज्यादातर को बिजली, दूरसंचार, रेलवे और आधारभूत ढांचा क्षेत्रों में मंजूरी दी गई है।

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