बीजिंग: दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र समर्थित न्यायाधिकरण के फैसले पर भारत के बयान पर सावधानी के साथ प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को चीन ने कहा कि वह भी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूर्ण पालन करते हुए विवाद को सुलझाना चाहता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने यहां संवाददाताओं को बताया, विभिन्न सरकारों की ओर से जारी किए गए सार्वजनिक बयानों में यदि यह कहा गया है कि विवाद का निपटान अंतरराष्ट्रीय नियम के पूर्ण पालन के साथ होना चाहिए तो मुझे लगता है कि चीनी सरकार का भी यही रूख है।
वह भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने दक्षिण चीन सागर से जुड़े सभी पक्षों से कहा है कि वे इस समुद्री विवाद को शांतिपूर्ण तरीकों से और बिना बल प्रयोग के सुलझाएं और दि हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले के प्रति सर्वोच्च सम्मान प्रदर्शित करें। भारत की प्रतिक्रिया न्यायाधिकरण के फैसले के बाद आई थी। न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया था कि दक्षिण चीन सागर में द्वीपों पर चीन के ऐतिहासिक अधिकार के दावों का कोई कानूनी आधार नहीं है। इस समुद्र के रास्ते वार्षिक तौर पर तीन खरब डॉलर का व्यापार होता है।