काठमांडू: नेपाल की चौथी सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के अध्यक्ष कमल थापा ने कहा है कि संविधान संशोधन विधेयक पर संसद में मुहर नहीं लगेगी क्योंकि इसके ज्यादातर उपबंध राष्ट्र हित के विरूद्ध हैं और सरकार को इस विधेयक का विकल्प लाना चाहिए। संसद मे आरपीपी के पास 37 सीटें हैं और आंदोलनकारी मधेसी दलों एवं अन्य जातीय समूहों की मांग के समाधान के वास्ते विधेयक को पारित कराने में 594 सदस्यीय सदन में उसकी भूमिका अहम होगी।
थापा ने कल रिपोर्टर्स क्लब में कहा, सदन में वर्तमान स्थिति के अनुसार इस विधेयक का अनुमोदन नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा, मैं नहीं जानता कि मुख्य विपक्षी सीपीएन-यूएमएल संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करने के लिए सदन की कार्यवाही में बाधा क्यों डाल रही है क्योंकि वैसे भी यह विधेयक पारित नहीं होने वाला। संविधान संशोधन विधेयक के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत है।
सरकार ने पिछले मंगलवार को संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था, जिसका लक्ष्य मधेसी दलों की मांग का समाधान करना है। विभिन्न दलों के बीच इस विधेयक पर सहमति नहीं बन पायी है। वैसे मधेसी फ्रंट ने यह कहते हुए इस विधेयक का समर्थन करने से इनकार कर दिया है कि यह अपने वर्तमान भेदभावकारी स्वरूप में उसे स्वीकार्य नहीं है।