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क्या नवाज़ शरीफ़ ने लादेन से पैसे लेकर बेनज़ीर के ख़िलाफ चुनाव लड़ा था!

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 29, 2016 05:21 pm IST,  Updated : Feb 29, 2016 05:21 pm IST

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में प्रकाशित एक किताब में दावा किया गया है कि मौजूदा प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने बेनज़ीर भुट्टो के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने के लिए अल क़ायदा प्रमुख चीफ ओसामा बिन लादेन से पैसे लिए

nawaz sharif and osama bin laden- India TV Hindi
nawaz sharif and osama bin laden

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में प्रकाशित एक किताब में दावा किया गया है कि मौजूदा प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने बेनज़ीर भुट्टो के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने के लिए अल क़ायदा प्रमुख चीफ ओसामा बिन लादेन से पैसे लिए थे। यह दावा 'खालिद ख्वाजा: शहीद-ए-अमन' में किया गया है जिसकी लेखिका शमामा ख़ालिद हैं जो पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई के एक पूर्व अफ़सर ख़ालिद ख्वाजा की पत्नी हैं।

इस किताब में में नवाज़-लादेन के बीच सांठगांठ को लेकर भी कई ख़ुलासे किये गये हैं।

 
पाकिस्तान के अख़बार डॉन के मुताबिक़ लादेन ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) के अध्यक्ष नवाज़ शरीफ़ को बेनज़ीर की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए पैसा मुहैया करवाया था जो जियाउल हक़ के शासन के बाद दिए गए थे।

किताब में भी दावा किया गया है कि पैसे के बदले नवाज़ ने लादेन से पाकिस्तान में इस्लामी कानून लागू करने और उसकी सिक्युरिटी का वादा किया था ये बात अलग है कि सत्ता पर काबिज़ होते ही नवाज़ अपने वादे से मुकर गए।

किताब में आईएसआई के पूर्व डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट हामिद गुल के हवाले से ये भी दावा किया गया है कि ख्वाजा कुछ समय के लिए नवाज के काफी करीबी थे।

कुछ साल पहले आईएसआई के पूर्व अफसर ख्वाजा अब्बास ने भी सनसनीख़ेज़ ख़ुलासा किया था। उन्होंने दावा किया था कि लादेन और शरीफ़ के बीच पांच मुलाकात हुई थीं। उन्होंने ये भी दावा किया था कि नवाज़ को सऊदी शाही परिवार के करीब लाने में भी लादेन का हाथ था। तब सऊदी रॉयल फैमिली का कोई मेंबर शरीफ को जानता तक नहीं था।

इनका ये भी दावे था कि प्रधानमंत्री पद पर रहते शरीफ़ ने लादेन से पाकिस्तान की मदद करने को भी कहा था। अब्बास के मुताबिक़ 90 के दशक में शरीफ ने पीएम रहते लादेन से मुलाकात कर पाकिस्तानियों को सऊदी में नौकरी दिलाने की गुहार लगाई थी। इसके अलावा पाकिस्तान में डेवलमेंट वर्क्स के लिए भी लादेन से पैसा मांगा था।

अब्बास के मुताबिक, लादेन-शरीफ का रिश्ता 80 के दशक में ही सामने आया था। तब बतौर पंजाब सीएम उन्होंने सऊदी का दौरा किया था। पूर्व आईएसआई अफसर ने कहा था कि लादेन ही था जिसने शरीफ को सबसे मिलवाया था। अफसर के मुताबिक इसी दौरान शरीफ की लादेन से कम से कम पांच बार मुलाकात हुई थी।

शरीफ व उनकी फैमिली के कारोबार के बारे में 1998 में 'हू ओन्स पाकिस्तान' नाम से एक किताब आई थी जिसे सीनियर पाकिस्तानी जर्नलिस्ट शाहिद-उर-रहमान ने लिखी थी। उन्होंने लिखा है कि 90 के दशक में जब शरीफ पीएम बने, तब निजिकरण का दौर चल रहा था। मौजूदा इकॉनोमिक लिबरलाइजेशन की राह में कई नीतियां बदली गईं।

रहमान का दावा है कि इस दिशा में उठाए गए ज्यादातर कदम औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाए गए थे। इसमें शरीफ का परिवार भी शामिल था। किताब के दावे के मुताबिक, शरीफ सरकार से सबसे ज्यादा फायदा 'इत्तेफाक ग्रुप' को पहुंचा था जिसकी बुनियाद शरीफ के पिता मोहम्मद शरीफ ने अपने छह भाइयों के साथ मिलकर 1969 में रखी थी।

रहमान के मुताबिक, 1998 में इत्तेफाक ग्रुप के 119 वारिसों में संपत्ति के बंटवारे को लेकर मुक़दमेबाज़ी होती रही लेकिन नवाज़ व उनके भाई शाहबाज़ अपना कारोबारी साम्राज्य बढ़ाते रहे। शरीफ व उनकी फैमिली की ब्रिटेन, सऊदी अरब, दुबई जैसे देशों में भी संपत्ति हैं।

पाकिस्तानी वेबसाइट फाइवरुपीज डॉटकॉम के मुताबिक, शरीफ परिवार 4,000 करोड़ पाकिस्तानी रुपयों के कारोबारी साम्राज्य का मालिक है। वेबसाइट के मुताबिक नवाज़ शरीफ़ 500 से लेकर 1,000 करोड़ पाकिस्तानी रुपए के मालिक हैं।

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