इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान गुरुवार को अमेरिका का अपना दौरा पूरा कर स्वदेश लौट आए, जहां उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस पर इमरान ने कहा कि ‘मुझे लगा कि मैं आधिकारिक दौरा करके नहीं बल्कि विश्व कप जीतकर वापस घर आया हूं।’ खान अमेरिका से तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को दुरुस्त करने के लिए इस सप्ताह तीन-दिवसीय दौरे पर वॉशिंगटन गए थे। इस दौरान उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। खान ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से भी मुलाकात की।
Related Stories
पाकिस्तान लौटने पर समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत
खान गुरुवार की सुबह कतर एअरलाइंस की उड़ान से इस्लामाबाद न्यू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे जहां उनके समर्थकों ने उनके नारे लगाकर स्वागत किया। इमरान ने अपने समर्थकों को थोड़ी देर के लिए संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे लगा कि मैं आधिकारिक दौरा करके नहीं बल्कि विश्वकप जीतकर वापस घर आया हूं।’ गौरतलब है कि इमरान के नेतृत्व में ही पाकिस्तान ने 1992 का क्रिकेट विश्व कप जीता था। संयोगवश, आज ही के दिन पिछले साल इमरान खान को चुनावों में जीत मिली थी। इस मौके पर खान ने कहा, ‘हमें उन सभी संस्थानों को बदलना होगा जिन्हें उन चोरों ने बर्बाद कर दिया जो केवल पाकिस्तान को लूटना चाहते हैं।’
वापसी में कतर के प्रधानमंत्री से भी मिले इमरान
पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा कि इस्लामाबाद लौटते समय खान थोड़ी देर के लिए दोहा में रुके जहां उन्होंने कतर के अपने समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन नसीर बिन खलीफा अल सानी से मुलाकात की। इमरान ने कहा कि उन्होंने अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों से कहा है कि वे चोरों और लुटेरों द्वारा विदेशों में रखी गई लूटी हुई दौलत वापस लाने में पाकिस्तान की मदद करें। उन्होंने कहा कि अब वो दिन दूर नहीं जब दुनिया देश के हरे पासपोर्ट का सम्मान करेगी और पाकिस्तान दुनियाभर में एक महान देश के रूप में उभरेगा।
पाकिस्तानी मीडिया ने बताया ‘कूटनीतिक तख्तापलट’
पाकिस्तान की मीडिया ने प्रधानमंत्री की यात्रा को खान के लिए ‘कूटनीतिक तख्तापलट’ करार दिया है। पाकिस्तानी मीडिया ने यह बात इस आधार पर कही कि क्योंकि इमरान की यात्रा के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय रिश्तों को सामान्य बनाते हुए दिखे। साथ ही कश्मीर को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कराने के राष्ट्रपति ट्रंप की पेशकश को भी इसी नजर से देखा जा रहा है।