इस्लामाबाद: पोप फ्रांसिस इस वर्ष पाकिस्तान की यात्रा पर आयेंगे जो इस इस्लामी देश की उनकी पहली यात्रा होगी। पाकिस्तान के बंदरगाह और जहाजरानी मंत्री कामरान माइकल और धार्मिक मामलों के मंत्री सरदार युसूफ ने पिछले महीने वेटिकन में पोप से मुलाकात के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की ओर से आमंत्रित किया था। माइकल मौजूदा सरकार में एकमात्र ईसाई मंत्री हैं। अधिकारियों ने आज बताया कि पोप ने शरीफ की ओर से भेजे गये निमंत्रण को स्वीकार कर लिया। धार्मिक मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, यह सच है कि पोप ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और आपसी विचार-विमर्श से यात्रा की तारीख को अंतिम रूप दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि पोप प्रधानमंत्री शरीफ और राष्ट्रपति ममनून हुसैन से मिलेंगे। वह देश के अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के साथ व्यापक बातचीत करेंगे और इसके अलावा एक चर्च भी जायेंगे। पाकिस्तान के ईसाई समुदाय के लोग शहबाज भट्टी को संत घोषित करने के लिए प्रयास कर रहे हैं और यात्रा के दौरान पोप की ओर से इस बारे में उनको सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद है। देश के विवादास्पद ईशनिंदा कानून में सुधार की मांग करने वाले भट्टी की वर्ष 2011 में हत्या कर दी गयी थी।