लाहौर: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के पुत्र अली हैदर उस कटु अनुभव पर एक पुस्तक लिखना चाहते हैं जो उन्हें अफगानिस्तान में आतंकवादियों की तीन वर्ष की कैद के दौरान हुआ। गिलानी ने आज यहां अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, मेरे पुत्र ने एक पुस्तक के लिए पांडुलिपि लिखी थी जिसमें उन्होंने कैद के बारे मैं अपने कटु अनुभव का ब्योरा दिया था लेकिन उसे जला दिया गया
गिलानी ने यद्यपि यह नहीं बताया कि उन कागजात को किसने जलाया। उन्होंने कहा, मेरे पुत्र की रिहाई किसी चमत्कार से कम नहीं है। अलकायदा की कैद से रिहा होने के बाद यहां अपने आवास पर पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आये हैदर ने पाकिस्तान के लोगों को उनकी दुआओं के लिए धन्यवाद दिया।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह कैद में अपने अनुभव पर किताब लिखेंगे उन्होंने इससे इंकार नही किया । हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वह पुस्तक कब लिखना चाहते हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में 11 मई 2013 को आम चुनाव से महज दो दिन पहले मुल्तान से हैदर का अपहरण कर लिया गया था। वह इस चुनाव में उम्मीदवार थे। यूसुफ रजा गिलानी 2008 से 2012 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे। उन्होंने कहा था कि अपहर्ताओं ने उनसे संपर्क किया था और उनके पुत्र की रिहाई के बदले फिरौती मांगी थी। एक वीडियो संदेश में हैदर ने कहा था कि अपहर्ता शुरू में उनकी रिहाई के लिए दो अरब रूपये मांग रहे थे।