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तिब्बत में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, नेपाल में भी झटके महसूस किए गए, डर से सहमे लोग

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Sep 08, 2026 10:48 pm IST,  Updated : Sep 08, 2026 11:18 pm IST

तिब्बत में मंगलवार की रात 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके तेज झटके नेपाल में भी महसूस किए गए। दहशत से लोग सहमे हुए हैं।

तिब्बत में आया भूकंप, नेपाल में भी लगे झटके- India TV Hindi
तिब्बत में आया भूकंप, नेपाल में भी लगे झटके Image Source : FILE

यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, मंगलवार को तिब्बत में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। यह भूकंप नेपाल-तिब्बत सीमावर्ती इलाके में विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही के कुछ दिनों बाद आया है। EMSC ने बताया कि भूकंप 35 किलोमीटर (21.75 मील) की गहराई पर दर्ज किया गया। नेपाल के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए। इस ताज़ा भूकंप से किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई तत्काल खबर नहीं है। 


पीटीआई के मुताबिक मंगलवार को उत्तर-पश्चिम नेपाल के मुस्तांग ज़िले में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के अनुसार, भूकंप का केंद्र मुस्तांग ज़िले का लोमंथंग था, जो काठमांडू से 375 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में है। भूकंप रात 9:53 बजे आया। भूकंप से किसी नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। इसके झटके पड़ोसी ज़िलों - मनांग, डोल्पा और म्याग्दी - में भी महसूस किए गए। 

तिब्बत में पिछले हफ्ते भी आया था भूकंप
यह भूकंप इस इलाके में आए एक और झटके के कुछ दिनों बाद आया है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, पिछले हफ़्ते गुरुवार को तिब्बत में 5 तीव्रता का भूकंप आया था।
डेटा के मुताबिक, वह भूकंप 10 किलोमीटर (6.21 मील) की गहराई पर आया था।

नेपाल में आई थी विनाशकारी बाढ़
यह भूकंप 26 अगस्त को हिमालयी सीमावर्ती इलाके में आई एक बड़ी आपदा के दो हफ़्ते से भी कम समय बाद आया है। ज़्यादा ऊंचाई पर मौजूद एक ग्लेशियर के टूटने से पानी, कीचड़ और मलबे का सैलाब आ गया, जिससे नेपाल के रसुवा ज़िले और तिब्बत के कुछ हिस्सों में बस्तियां तबाह हो गईं। इस आपदा में घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए और पनबिजली (हाइड्रोपावर) के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। कम से कम 11 पनबिजली परियोजनाएं प्रभावित हुईं, जबकि बचाव दल सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका वाले लोगों की तलाश कर रहे हैं।

नेपाल में क्यों आई आपदा
26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने (एवलांच) से आई थी, जिससे भोतेकोशी नदी में पानी और मलबे का भारी बहाव नीचे की ओर आया। इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल में बस्तियों को तबाह कर दिया और पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया। इस आपदा ने किंघाई-तिब्बत पठार के नाज़ुक पर्यावरण को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। चीन के जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, ग्लेशियरों का तेज़ी से पिघलना और पीछे हटना, व्यापक जलवायु संबंधी प्रभाव इस आपदा का कारण हो सकते हैं।

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