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रिश्‍ते सामान्य बनाने में बाधा हैं संघ-शिवसेना जैसे चरमपंथी हिंदू समूह: पाक मंत्री

 Written By: Bhasha
 Published : Jun 21, 2016 12:09 pm IST,  Updated : Jun 21, 2016 12:09 pm IST

पाकिस्तान के गृहमंत्री ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और शिवसेना जैसे हिन्दू 'चरमपंथी समूह' भारत-पाक रिश्तों को सामान्य बनाने के रास्ते का 'सबसे बड़ा बाधा' हैं

nisar ali khan- India TV Hindi
nisar ali khan

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के गृहमंत्री ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और शिवसेना जैसे हिन्दू 'चरमपंथी समूह' भारत-पाक रिश्तों को सामान्य बनाने के रास्ते का 'सबसे बड़ा बाधा' हैं और उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से उन 'बलों' का नाम लेने को कहा, जो उनके अनुसार अच्छे द्विपक्षीय संबंधों के खिलाफ हैं।

गृहमंत्री निसार अली खान ने कहा, 'यदि भारत की विदेश मंत्री पाकिस्तान के साथ (अच्छे) संबंधों को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध हैं तो उन्हें पहेलियों में बात नहीं करनी चाहिए या फिर राजनीतिक अंक बटोरने का प्रयास नहीं करना चाहिए। वास्तव में उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उनके विचार में ऐसे में कौन से बल हैं जो भारत-पाकिस्तान के अच्छे संबंधों के खिलाफ हैं।' खान] सुषमा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें विदेश मंत्री ने कहा है कि कुछ बल ऐसे हैं जो दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों और दोनों पड़ोसियों के बीच अच्छे संबंध नहीं चाहते हैं।

पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि उनके विचार में 'आरएसएस, शिवसेना और अभिनव भारत जैसे चरमपंथी समूह संबंधों को सामान्य बनाने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा हैं क्योंकि ऐसे समूहों का भारतीय सरकार पर प्रभाव है।' खान ने कहा, 'यदि भारत सरकार संबंधों को सामान्य बनाने के लिए गंभीर है, तो उसने बातचीत के दरवाजे क्यों बंद कर रखे हैं।' उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की आलोचना करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि उनके द्वारा प्रयुक्त प्रत्येक शब्द ने पाकिस्तान के साथ उनकी मित्रता नीति को दिखाया।

खान ने कहा कि किसी भी विश्व नेता के साथ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संबंध उनके निजी संबंधों से ऊपर हैं और भारत की विदेश मंत्री को शरीफ-मोदी संबंधों को व्यक्तिगत बताने का प्रयास नहीं करना चाहिए। गौरतलब है कि भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि पठानकोट एयरबेस हमले की जांच के लिए एनआईटी दल की पाकिस्तान यात्रा का उसने (पाकिस्तान) विरोधी नहीं किया है, बस 'और समय' मांगा है। सुषमा ने कहा था कि मोदी और शरीफ के बीच 'सहज और सौहार्दपूर्ण'  संबंध दोनों पड़ोसियों के बीच जटिल मुद्दे को सुलझाने में मदद करेगा।

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