मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कश्मीर में मिलने का ख्वाब देख रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी पार्टी का पाक अधिकृत कश्मीर में जमकर विरोध हो रहा है। कश्मीर में यह विरोध 21 जुलाई को हुए चुनाव की प्रामाणिकता को लेकर हो रहा है।
मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर में चुनाव प्रक्रिया के नतीजों के विरोध में सभी लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक को ब्लॉक कर दिया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से भी झड़प हुई। सरकारी ऑफिसों के बाहर भी चुनाव के नतीजों का विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि असली वोटर्स को वोटिंग से दूर रखा गया है। इसी के साथ ही लोगों ने 'गो नवाज गो' के नारे भी लगाए।
कश्मीर में चलने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पाकिस्तानी प्रशासन ने मीडिया को इसकी रिपोर्टिंग ना करने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने मीडिया पर पूरी से बैन लगा दिया है। मुस्लिम कॉंफ्रेंस के एक सदस्य की हत्या के बाद लोगों का गुस्सा फूट किया यहां तक की कश्मीर में होने वाले चुनावों को लोग फर्जी बता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने चुनावों में हो रहे फर्जीवाड़े के खिलाफ शिकायत भी की थी लेकिन किसी ने भी उनकी नहीं सुनी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नवाज शरीफ ने ISIS के साख मिलकर चुनावों में फर्जीवाड़ा किया है, और जिस भी व्यक्ति ने इसके खिलाफ आवाज उठाई उसे मार दिया गया। नवाज शरीफ की पार्टी पर यह भी आरोप है कि उन्होंने 14 लोगों का कत्ल किया है। चुनाव के दौरान पाक सेना ने लोगों को जबरन हिरासत में लिया था।