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दक्षिण चीन सागर विवाद पर भारत ने दी अपनी राय

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 27, 2016 12:15 pm IST,  Updated : Jul 27, 2016 12:15 pm IST

वियेनतियाने: भारत ने मंगलवार को दक्षिण चीन सागर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का आग्रह किया क्योंकि इस जलक्षेत्र से होकर गुजरने वाले जहाज मार्गो की सुरक्षा क्षेत्र की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। विदेश राज्य

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वियेनतियाने: भारत ने मंगलवार को दक्षिण चीन सागर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का आग्रह किया क्योंकि इस जलक्षेत्र से होकर गुजरने वाले जहाज मार्गो की सुरक्षा क्षेत्र की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने लाओस के वियेनतियाने में पूर्वी एशिया के विदेश मंत्रियों की पांचवी बैठक को संबोधित करते हुए कहा, "दक्षिण चीन सागर से गुजरने वाले समुद्री यातायात मार्ग शांति, स्थिरता, संपन्नता और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।"

उन्होंने कहा, "भारत अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर आधारित नौवहन की स्वतंत्रता, क्षेत्र के ऊपर उड़ान के अधिकार और निर्विघ्न वाणिज्य के सिद्धांतों का समर्थन करता है, जैसा कि यूएनसीएलओएस (समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र समझौते) में विशेष रूप से परिलक्षित है।" उन्होंने कहा, "भारत मानता है कि देशों को बिना किसी धमकी या बल प्रयोग के शांतिपूर्ण तरीकों से विवाद सुलझाने चाहिए। ऐसी गतिविधियों के संचालन में आत्म संयम बरतना चाहिए जिनसे विवाद और जटिल हो सकते हैं या और बढ़ सकते हैं और शांति एवं स्थिरता को खतरा पैदा हो सकता है।"

दक्षिण चीन सागर विवाद में हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय पंचाट द्वारा चीन-फिलीपीन्स विवाद में फिलीपीन्स के पक्ष में दिए गए फैसले की ओर संकेत करते हुए उन्होंने कहा कि सागर और महासागर की अंतर्राष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था 'यूएनसीएलओएस' का सभी संबद्ध पक्षों को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद की वैश्विक समस्या से लड़ने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था की मांग की। उन्होंने कहा, "एक के बाद एक देशों में आतंकवादी हमलों के कहर ने मानवता को जड़ से हिला दिया है।"

उन्होंने कहा, "इस परिदृश्य में आतंकवाद के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन के लिए 'शून्य सहनशीलता' के सिद्धांत पर आधारित एक मजबूत अंतर्राष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था का निर्माण करना बेहद जरूरी है।" वी. के. सिंह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाना "आतंकवाद को धर्म से अलग करते हुए देश प्रायोजित आतंकवाद की स्पष्ट अस्वीकृति और 'अच्छे' और 'बुरे' आतंकवादियों में भेद किए बिना उन लोगों को अलग-थलग करने पर आधारित होना चाहिए जो आतंकवादियों को आश्रय देते हैं, समर्थन देते हैं, वित्त पोषित करते हैं या इसे प्रायोजित करते हैं।"

सिंह ने कहा कि भारत चाहता है कि उत्तर कोरिया परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई करे और अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पूरी तरह पालन करे। उन्होंने कहा, "हम परमाणु हथियारों और मिसाइलों से संबंधित प्रौद्योगिकियों और सामग्रियों के प्रसार पर सतर्कता बढ़ाने की मांग करते हैं।" सिंह ने कहा, "एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उभरती हुई क्षेत्रीय सुरक्षा का ढांचा खुला, पारदर्शी और समावेशी होना चाहिए।"

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