काबुल: अफगानिस्तान की राजधानी में बुधवार सुबह हुए भयानक फिदायीन हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के मुताबिक, हमले में कम से कम 80 लोग मारे गए, जबकि लगभग 300 लोग घायल हुए हैं। काबुल के राजनयिक इलाके में आज हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 80 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गये। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि सैकड़ों मीटर दूर तक भवनों की खिड़कियों के कांच टूट गये। अफगानिस्तान की राजधानी में विदेशी दूतावासों के समीप सुबह के व्यस्त समय में विस्फोट के बाद घना धुंआ नजर आने लगा। (क्या अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं इस्तीफा?)
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर दर्जनों कारें फंस गयी थीं और अफरा-तफरी के बीच घायल हुए लोग तथा दहशत में आई स्कूली छात्राएं सुरक्षित स्थान की तलाश में थीं। अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि विस्फोट में किसे निशाना बनाने की साजिश थी। लेकिन यह अफगानिस्तान में व्यापक असुरक्षा की ओर इशारा करता है जहां सेना उग्रवादियों को खदेड़ने के लिए संघर्षरत है। देश का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा सरकार के नियंत्रण से बाहर है। विस्फोट के कुछ घंटे बाद मौके पर एंबुलेंस लगातार नजर आईं। बचावकर्मी मलबे से शवों को निकाल रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता वहीद मजरूह ने कहा, दुर्भाग्यवश मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है और 300 से अधिक लोग घायल हैं। इनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उन्होंने आशंका जताई कि मलबे में से और अधिक शव निकलने पर यह संख्या बढ़ सकती है। गृह मंत्रालय ने घायलों की संख्या 320 बताई। उसने कहा कि एक आत्मघाती हमलावर ने सुबह 8:30 बजे के आसपास जनबाक स्क्वायर पर विस्फोटकों से लदे वाहन में विस्फोट कर दिया। गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार 50 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गये।
मंत्रालय ने काबुल के नागरिकों से रक्तदान की अपील करते हुए कहा है कि अस्पतालों को खून की बेहद जरूरत है। हमले की जिम्मेदारी तत्काल किसी ने नहीं ली है। तालिबान ने ट्वीट किया है कि वे इसमें शामिल नहीं हैं और हमले की कड़ी निंदा करते हैं। यह आतंकवादी संगठन उन हमलों की जिम्मेदारी कम ही लेता है जिनमें बड़ी संख्या में नागरिक मारे जाते हैं।