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जापान में भयानक भूकंप, 7.1 तीव्रता से हिली धरती

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 13, 2021 09:20 pm IST,  Updated : Feb 13, 2021 09:33 pm IST

जापान के उत्तरपूर्वी भाग के तटवर्ती क्षेत्रों में शनिवार को जोरदार भूकंप आया जिसके झटके फुकुशिमा, मियागी और अन्य इलाकों में महसूस किये गये।

जापान में भयानक भूकंप, 7.1 तीव्रता से हिली धरती- India TV Hindi
जापान में भयानक भूकंप, 7.1 तीव्रता से हिली धरती

टोक्यो (जापान): जापान के उत्तरपूर्वी भाग के तटवर्ती क्षेत्रों में शनिवार को जोरदार भूकंप आया जिसके झटके फुकुशिमा, मियागी और अन्य इलाकों में महसूस किये गये। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने यह जानकारी दी है । जापान के सरकारी प्रसारक एनएचके टीवी ने खबर दी है कि शनिवार रात को 7.1 तीव्रता का भूकंप आने के बाद फुकुशिमा डायची परमाणु संयंत्र अब यह जांच करने में लगा कि इस केंद्र में कोई समस्या तो नहीं आयी है। वैसे तत्काल इस क्षेत्र के अन्य परमाण संयंत्रों से किसी गड़बड़ी की खबर नहीं है। 

सुनामी की चेतावनी नहीं

एनएचके के अनुसार सुनामी का कोई खतरा नहीं है। एजेंसी ने कहा कि भूकंप का केंद्र समुद्र तल से करीब 60 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप टोक्यो से लेकर दक्षिण पश्चिम तक महसूस किया गया। लोगों ने भूकंप के डरावने तेज झटके महसूस किए। जापान टाइम्स के अनुसार, एहतियाती उपाय के तौर पर तटीय क्षेत्रों के पास के लोगों से ऊंचे इलाकों में जाने के लिए कहा गया है। भूकंप से अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।

रिक्टर स्केल और भूकंप की तीव्रता का संबंध?

  1. 0 से 1.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
  2. 2 से 2.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है।
  3. 3 से 3.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर होता है।
  4. 4 से 4.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
  5. 5 से 5.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर फर्नीचर हिल सकता है।
  6. 6 से 6.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
  7. 7 से 7.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
  8. 8 से 8.9 रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
  9. 9 और उससे ज्यादा रिक्टर स्केल पर भूकंप आने पर पूरी तबाही। कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी।
  10. भूकंप में रिक्टर पैमाने का हर स्केल पिछले स्केल के मुकाबले 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।

भूकंप आने पर क्‍या करें, क्या न करें?

  1. भूकंप आने पर फौरन घर, स्कूल या दफ़्तर से निकलकर खुले मैदान में जाएं। बड़ी बिल्डिंग्स, पेड़ों, बिजली के खंबों आदि से दूर रहें।
  2. बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  3. कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं। इससे भूकंप का ज्यादा असर होगा।
  4. भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे, ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं ताकि इनके गिरने और शीशे टूटने से चोट न लगे।
  5. अगर आप बाहर नहीं निकल पाते तो टेबल, बेड, डेस्क जैसे मजबूत फर्नीचर के नीचे घुस जाएं और उसके लेग्स कसकर पकड़ लें ताकि झटकों से वह खिसके नहीं।
  6. कोई मजबूत चीज न हो, तो किसी मजबूत दीवार से सटकर शरीर के नाजुक हिस्से जैसे सिर, हाथ आदि को मोटी किताब या किसी मजबूत चीज़ से ढककर घुटने के बल टेक लगाकर बैठ जाएं।
  7. खुलते-बंद होते दरवाजे के पास खड़े न हों, वरना चेाट लग सकती है।
  8. गाड़ी में हैं तो बिल्डिंग, होर्डिंग्स, खंबों, फ्लाईओवर, पुल आदि से दूर सड़क के किनारे या खुले में गाड़ी रोक लें और भूकंप रुकने तक इंतजार करें।
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