बीजिंग/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और जापानी प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के बीच वार्ता के दौरान अमेरिकी-जापान गठजोड़ के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए चीन ने इसे ‘विभाजन का विडंबनापूर्ण प्रयास’ करार दिया। चीन ने कहा कि शुक्रवार को सुगा और बाइडेन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकतंत्र व मानवाधिकारों को लेकर साझा मूल्यों पर संयुक्त बयान और हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों को लेकर चिंता जाहिर करना, ‘द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य विकास के दायरे से काफी इतर’ था। वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने शनिवार को एक बयान में कहा, ‘इससे ज्यादा विडंबना नहीं हो सकती कि अन्य देशों के खिलाफ विभाजन को बढ़ावा देने और गुट बनाने को ‘स्वतंत्र व मुक्त’ के झंडे तले रखा गया है।’
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जापानी और अमेरिकी नेताओं द्वारा दिये गए बयान में ताइवान जलडमरूमध्य में ‘शांति और स्थिरता’ के महत्व का भी उल्लेख था। रिचर्ड निक्सन व इसाकू सातो के बीच 1969 में हुई चर्चा के बाद यह पहला मौका है जब किसी जापानी प्रधानमंत्री ने ताइवान को लेकर अमेरिका से चर्चा की हो। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के साथ पहली व्यक्तिगत द्विपक्षीय बैठक के बाद कहा था कि आमने-सामने बैठकर वार्ता करने का कोई विकल्प नहीं है। बाइडन ने सुगा (72) के साथ व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में हुई जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही थी। यह किसी अन्य देश के नेता के साथ बाइडन की आमने-सामने की पहली बैठक थी।
इस मौके पर बाइडेन ने आमने-सामने की बैठक की महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि वे जी7 बैठक और चतुष्पदीय सुरक्षा संवाद (QUAD) में शामिल नेताओं के शिखर सम्मेलन में पहले भी कई बार डिजिटल माध्यम से मिल चुके हैं, लेकिन ‘मैं आपके साथ समय बिताने और आमने-सामने बैठकर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलने की बहुत कद्र करता’ हूं। हम कोविड-19 संबंधी एहतियातन कदमों का अब भी पालन कर रहे हैं और सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन व्यक्तिगत मुलाकात करने की हमारी प्रतिबद्धता दर्शाती है कि हम जापान एवं अमेरिका के संबंधों को कितना महत्व देते हैं।’