चीन: कहते है जिसे भगवान जिंदा रखना चाहता है। उसे कोई भी नही मार सकता। फिर चाहे कोई कितनी भी कोशिश करें। ऐसा ही कुछ चीन के बीजिंग में हुआ। एक औद्योगिक इलाके में भूस्खलन हुआ। जिसमें वहां काम करने वाला एक मजदूर दब गया था। लेकिन 67 घंटे बाद उसे जिंदा निकाला गया।
19 साल के इस व्यक्ति को बुधवार सुबह स्थानीय समयानुसार सुबह चार बजे इमारत के मलबे से निकाला गया। थियान ज़ेमिंग नाम का यह व्यक्ति चीन का ही रहने वाला है और मज़दूरी करता है। जिस वक्त उसे निकाला गया उसका आवाज बहुत ही मुश्किल से निकल रही थी और सांसे तो बहुत ही धीमी थी। इस व्यक्ति ने बताया कि पास में ही एक व्यक्ति और दबा है। जिसे निकालने गया तो पाया कि वह व्यक्ति नही बचा है।
भूस्खलन के कारण इस इलाके में रविवार को एक गैस स्टेशन में विस्फोट हो गया था। चीनी भूमि एवं संसाधन मंत्रालय ने बताया कि निर्माण स्थल की मिट्टी और मलबे का अत्यधिक ढेर लगाए जाने के चलते यह हुआ।
जो लोग बचे है उनको बचाने के लिए करीब 3,000 बचावकर्मी लाइफ डिटेक्टर, उत्खनकों और ड्रोन की सहायता से इलाके में सावधानी पूर्वक मलबा हटा रहे हैं। यह क्षेत्र लगभग फुटबॉल के दस मैदानों जितना बड़ा है और यहां पर लगभग पांच मंजिल इमारत जितना उंचा मिट्टी का टीला बन गया है जिसमें खुदाई करके लोगों को जिंदा बचाना है। इस भूस्खलन में कम से कम 30 इमारतें धराशायी हो गई थीं।