बगदाद: खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (IS) का सबसे मजबूत गढ़ मोसुल जल्द ही उसके कब्जे से मुक्त हो सकता है। यह बात इसलिए भी हकीकत के ज्यादा करीब लग रही है क्योंकि इराक की स्पेशल सिक्यॉरिटी फोर्सेज मोसुल के बाहरी इलाके से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर हैं और शहर में घुस कर बड़ा हमला करने की तैयारी कर रही हैं।
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इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने भी आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है। अबादी ने सरकारी टेलिविजन पर अपने संबोधन में कहा, 'अब आतंकियों के पास कोई रास्ता नहीं है। या तो वे सरेंडर करें या अपनी जान से हाथ धोने के लिए तैयार रहें। हमने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया है और इंशाअल्लाह हम सांप के सिर को काट डालेंगे।'

मिलिटरी के टॉप अधिकारियों के साथ इराकी पीएम हैदर अल-अबादी। (AP)
इस लड़ाई में सुरक्षाबलों को हाल में मिली कामयाबियों को देखते हुए लग रहा है कि जल्द ही वे मोसुल को भी फतह कर लेंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिल्कुल सुबह हुए हमले के बाद आतंकवाद निरोधी सेवा (CTS) के सुरक्षाबल बाजवाया में दाखिल हो गए, जो मोसूल शहर की सीमा से पहले अंतिम गांव है। बताया जा रहा है कि अपने सफर के दौरान सुरक्षाबलों को कार बमों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले, सेना ने मोसूल पर कब्जे के लिए अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।
अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के समर्थन में भारी हथियारों व बख्तरबंद वाहनों में सवार सैकड़ों सैनिक तोपों व बुलडोजरों के साथ गांव की तरफ बढ़ रहे हैं। मोसुल, इराक का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और बगदाद से 400 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित है। IS ने इस शहर पर 2014 से कब्जा कर रखा है। अब मोसुल की लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच गई है और यहां से IS की हार साफ नजर आ रही है।