हांगझोउ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री थेरेसा मे से मुलाकात की। यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात थी। उन्होंने यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के फैसले के मद्देनजर द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की। G-20 सम्मेलन से इतर दोनों नेताओं ने यहां दुनिया के सबसे बड़े एकल बाजार यानी यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग हो जाने के बाद ‘‘अवसरों के निर्माण’’ पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर जानकारी दी, यूनाइटेड किंगडम के साथ अवसरों का निर्माण। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के साथ पहली बार द्विपक्षीय वार्ता की। मे ने 13 जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। राष्ट्र की जनता ने यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में मत दिया था जिसके बाद उनके पूर्ववर्ती डेविड कैमरन ने पद से इस्तीफा दे दिया था।
मार्गेट्र थैचर के बाद 59 वर्षीय मे ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं और उनकी तुलना अक्सर थैचर से की जाती है। उनके शपथ ग्रहण करने के बाद मोदी ने 27 जुलाई को उन्हें बधाई देते हुए रणनीतिक द्विपक्षीय भागीदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
फोन पर हुई इस वार्ता के दौरान मे ने मोदी को धन्यवाद दिया था और कहा था कि वह भारत के साथ मजबूत रिश्ते विकसित करने और सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।